नीतीश ने दिया इस्तीफा, सीएम की रेस में सम्राट चौधरी सबसे आगे; जानें कैसा होगा नया कैबिनेट
बिहार की राजनीति में दो दशक से जारी नीतीश कुमार की सत्ता का आज समापन हो गया. उनके इस्तीफे के बाद अब भाजपा के सम्राट चौधरी राज्य की कमान संभालने के लिए तैयार हैं. 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण और 24 मंत्रियों का चयन प्रस्तावित है.
पटना: बिहार की सियासत ने आज एक ऐतिहासिक करवट ली है. लगभग दो दशकों तक बिहार की सत्ता के शीर्ष पर रहने वाले नीतीश कुमार ने लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इस इस्तीफे के साथ ही राज्य में लंबे समय से चले आ रहे ‘नीतीश युग’ का आधिकारिक समापन हो गया है. अब बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में सरकार बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. सियासी गलियारों में इस बात की प्रबल संभावना है कि सत्ता की कमान अब सम्राट चौधरी के हाथों में सौंपी जाएगी.
नीतीश कुमार का इस्तीफा देने का अंदाज भी भविष्य की राजनीति की ओर स्पष्ट इशारा कर गया. वे अणे मार्ग से एक ही गाड़ी में सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ राजभवन पहुंचे. इस दौरान गाड़ी में आगे की सीट पर विजय चौधरी बैठे थे, जबकि पिछली सीट पर नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी एक साथ बैठे नजर आए. राजनीतिक विश्लेषक इस तस्वीर को बिहार के अगले मुख्यमंत्री की ताजपोशी के सबसे बड़े संकेत के रूप में देख रहे हैं.
मंत्रिमंडल का संभावित फॉर्मूला
सूत्रों के मुताबिक, नए फॉर्मूले के तहत भाजपा कोटे से मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री और जेडीयू कोटे से डिप्टी सीएम समेत 9 मंत्री बनाए जा सकते हैं. गठबंधन के अन्य सहयोगियों में एलजेपी (रामविलास) को 2 मंत्री पद, जबकि 'हम' और आरएलएम को 1-1 मंत्री पद मिल सकता है. भाजपा कोटे से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल और अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह के नाम रेस में सबसे आगे हैं. वहीं, जेडीयू की ओर से विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी और लेसी सिंह को कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना है.
इससे पहले नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई अंतिम कैबिनेट बैठक में मौजूदा मंत्रिमंडल को भंग करने का फैसला लिया गया . फिलहाल बिहार की नजरें आज शाम होने वाली उस आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो राज्य के भविष्य की नई इबारत लिखेगी.