Tejashwi Yadav PM Modi: लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार खत्म हो गया है. अब आखिरी दौर की वोटिंग 1 जून को होनी है. हालांकि, प्रचार के दौरान गर्म हुआ मुसलमान और आरक्षण का मुद्दा अभी भी शांत नहीं हुआ. कुछ दिनों पहले बिहार के कद्दावर नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे सवाल किया था और कहा था जब गुजरात में मुसलमानों को आरक्षण मिल सकता है तो देश या अन्य राज्यों में क्यों नहीं? आइये जानें तेजस्वी ने किन आंकड़ों के आधार पर ये कहा और उनकी बातों में कितनी सच्चाई है.
26 मई को तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने गुजरात में मुसलमानों के आरक्षण की सूची जारी की थी. इसमें कहा कि आप मुख्यमंत्री रहते हुए आरक्षण दे रहे थे तो देश के साथ अन्य राज्यों में आरक्षण के नाम पर भ्रम को क्यों फैला रहे हैं. आइये जानें गुजरात में मुसलमान आरक्षण के फैक्ट क्या हैं?
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने 26 मई को पीएम मोदी के लिए पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने कहा था कि गुजरात एक ऐसा राज्य है जहां 2001 से 2014 तक लंबे समय तक बीजेपी और खुद आप के हाथ में सरकार रही. इस दौरान ओबीसी श्रेणी के तहत मुसलमानों को आरक्षण दिया गया. सायद 13 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी आपको इस बात की जानकारी नहीं है. इसी लिए आप भ्रम और नफरत न फैलाने का काम कर रहे हैं.
गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अनुसार, राज्य में 39 मुस्लिम समुदायों को केंद्रीय सूची के तहत OBC आरक्षण प्राप्त है. इसके अलावा सामाजिक गुजरात में 142 समुदायों को ओबीसी के रूप में सूचीबद्ध किया है. इसमें से 42 समुदाय मुसलमान हैं. हालांकि, केंद्र की लिस्ट में शामिल अरब और अंसारी राज्य सूची का हिस्सा नहीं हैं. वहीं ताई, तुरिया, मंसरी, तारक और भवैया केंद्रीय सूची में नहीं है. इसके अलावा सभी समुदाय दोनों सूचियों में समान हैं.
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रचार शुरू होते ही सैम पित्रोदा के संपत्ति वाले बयान को बीजेपी ने मुसलमानों के आरक्षण आरक्षण से जोड़ दिया था. बाद में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ ही अन्य नेताओं के बयानों को बेस बनाया गया. पूरे प्रचार में भाजपा विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहती रही की ST/SC का आरक्षण और आपकी संपत्ती छीनकर मुसलमानों को देने की प्लानिंग हैं. वहीं विपक्ष इस मामले पर सफाई के साथ पलटवार करता रहा.