दो दिनों बाद खुली हवा में सांस ले पाएंगे तेज प्रताप, NEET प्रोटेस्ट में हुए थे गिरफ्तार

नीट पेपर लीक आंदोलन से जुड़े मामले में गिरफ्तार जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव दो दिन बाद बेऊर जेल से रिहा हो गए. सरकार द्वारा आंदोलन से जुड़े केस वापस लेने के फैसले के बाद उनकी रिहाई हुई.

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Kanhaiya Kumar Jha

पटना: बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव बेऊर जेल से रिहा हो गए. उन्हें छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इस बीच केंद्र और बिहार सरकार द्वारा आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उनकी रिहाई ने राजनीतिक चर्चाओं को फिर तेज कर दिया.

पटना के बेऊर जेल से मंगलवार शाम तेज प्रताप यादव रिहा हुए. जेल के बाहर पहले से मौजूद समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया और नारे लगाए. रिहाई के बाद वह सीधे अपने समर्थकों के साथ वहां से रवाना हो गए. उनकी रिहाई ऐसे समय हुई है, जब सरकार आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है.

छात्र आंदोलन के दौरान हुई थी गिरफ्तारी

25 जुलाई को बिहार बंद और छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने तेज प्रताप यादव को हिरासत में लिया था. आरोप था कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पुलिस के खिलाफ उकसाया. पहले उन्हें छोड़ा गया, लेकिन बाद में दोबारा गिरफ्तार कर गांधी मैदान थाने में दर्ज मामले के आधार पर कोर्ट में पेश किया गया. इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

कोर्ट में खुद को बताया निर्दोष

जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान तेज प्रताप यादव की ओर से अदालत में कहा गया कि उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से हुई. बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की. अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था. बाद में बदले हालात के बीच उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया.

तेजस्वी ने गिरफ्तारी पर जताया था विरोध

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके भाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कार्रवाई की जा रही है. साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.

केस वापस लेने के फैसले के बाद बदले हालात

नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का फैसला किया. इसके बाद बिहार सरकार ने भी आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी. गृह विभाग ने जिलों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं. माना जा रहा है कि इसी फैसले के बाद तेज प्रताप यादव की रिहाई संभव हो सकी.