पटना: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू होते ही राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है. गुरुवार को एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के बीच हुई मुलाकात ने नए राजनीतिक कयासों को जन्म दे दिया है. माना जा रहा है कि राजद के नेतृत्व वाला विपक्ष पांचवीं सीट के लिए एक साझा उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा है, ताकि सत्ताधारी गठबंधन को कड़ी टक्कर दी जा सके.
तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद अख्तरुल ईमान ने मीडिया से बातचीत में सकारात्मक संकेत दिए. उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम उम्मीदवार को राजद का समर्थन देने के विकल्प पर विचार करने का आश्वासन दिया है. ईमान ने कहा, 'तेजस्वी जी ने हमें भरोसा दिलाया है. भविष्य में कई मुद्दों पर हमें एक-दूसरे के सहयोग की आवश्यकता होगी.' उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राजद आज उनके उम्मीदवार की मदद करता है, तो भविष्य में एआईएमआईएम भी उसी गर्मजोशी के साथ समर्थन लौटाएगी.
दूसरी तरफ, तेजस्वी यादव ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि विपक्ष ने चुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है. उन्होंने दावा किया, 'हम अपना उम्मीदवार उतारेंगे और सीट भी जीतेंगे.' सूत्रों के अनुसार, राजद जल्द ही अपने उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगा देगा. गौरतलब है कि राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना सहाब का नाम प्रस्तावित किया है, जो राजद के भीतर एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बना हुआ है. 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में राजद के पास वर्तमान में 25 विधायक हैं.
राज्यसभा की पांच सीटों में से दो-दो सीटें भाजपा और जदयू के खाते में जाती दिख रही हैं, लेकिन असली मुकाबला पांचवीं सीट पर है. जदयू की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले पूर्व नौकरशाह मनीष कुमार वर्मा का नाम चर्चा में है, जिन्हें हरिवंश की जगह उच्च सदन भेजा जा सकता है. वहीं, समाजवादी दिग्गज कर्पूरी ठाकुर के पुत्र रामनाथ ठाकुर की सीट बरकरार रहने की प्रबल संभावना है. भाजपा के खेमे में भी कई नामों पर मंथन जारी है. गुरुवार को भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की, जिसे उन्होंने एक 'शिष्टाचार भेंट' बताया, लेकिन इसके राजनीतिक मायने तलाशे जा रहे हैं.