Freedom Fighters

नीतीश कुमार के जिस वीडियो पर मचा घमासान, PK ने उसे बताया AI, बोले- 'वीडियो असली साबित हुआ तो...'

बांकीपुर उपचुनाव से पहले एक एआई वीडियो को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. प्रशांत किशोर ने भाजपा पर फर्जी वीडियो फैलाने का आरोप लगाया है, जबकि जदयू ने आरोपों को निराधार बताया है.

X
Sagar Bhardwaj

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा नीत एनडीए पर मुख्यमंत्री रह चुके नीतीश कुमार का एआई से तैयार किया गया वीडियो जारी करने का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि यह वीडियो मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से बनाया गया है और इसमें दिखाई गई अपील वास्तविक नहीं है.

प्रशांत किशोर ने दिया खुला चैलेंज

चुनावी मैदान में पहली बार उतरे प्रशांत किशोर ने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि यह साबित हो जाए कि नीतीश कुमार ने स्वयं यह वीडियो रिकॉर्ड किया है, तो वह बांकीपुर मतदान से पहले अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने की आशंका के कारण भाजपा एआई तकनीक का सहारा लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. हालांकि भाजपा ने इस आरोप पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

जदयू ने किया पलटवार

प्रशांत किशोर के आरोपों पर जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में लोग असली और एआई वीडियो का अंतर समझते हैं. उनके मुताबिक, प्रशांत किशोर नीतीश कुमार का अपमान कर रहे हैं और जनता इसका जवाब मतदान के जरिए देगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि जन सुराज की चुनाव में जमानत जब्त होगी.


नीतीश कुमार के किस वीडियो पर घमासान

दरअसल, एनडीए ने नीतीश कुमार का 58 सेकंड का एक वीडियो जारी किया है जिसमें वह मतदाताओं से बांकीपुर में निरंतर विकास की बयार के लिए एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को वोट देने की अपील कर रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद पहली बार चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, 'हार के डर से बीजेपी ने बीमार नीतीश कुमार का एआई-जनरेटेड डॉक्टर्ड वीडियो जारी किया है. अगर नीतीश जी किसी पत्रकार के सामने आकर यह बयान दे दें, तो मैं दो दिन पहले ही अपनी उम्मीदवारी वापस ले लूंगा.'

बांकीपुर सीट क्यों बनी प्रतिष्ठा की लड़ाई?

पटना की बांकीपुर सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है. यह सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई है. भाजपा ने अब युवा नेता नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद ने एक बार फिर रेखा कुमारी गुप्ता पर भरोसा जताया है. इस सीट पर कुल 25 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और जन सुराज के बीच माना जा रहा है.

बांकीपुर सीट पर जातीय समीकरण

करीब चार लाख मतदाताओं वाली बांकीपुर सीट पर कायस्थ, यादव, मुस्लिम, चंद्रवंशी, वैश्य, भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण, कुर्मी, कुशवाहा और दलित समुदाय निर्णायक भूमिका निभाते हैं. विकास की राजनीति का दावा करने वाले प्रशांत किशोर के लिए यह चुनाव राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है. बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी. एआई वीडियो विवाद ने इस उपचुनाव को सामान्य चुनाव से कहीं अधिक चर्चित बना दिया है.