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आज बिहार में पीएम मोदी करेंगे मखाना बोर्ड की शुरुआत, जानें किसानों को कैसे होगा फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बिहार के पूर्णिया में 36,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. इस दौरान, वह राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का उद्घाटन करेंगे, जो मखाना उद्योग में सुधार लाएगा और बिहार के किसानों को फायदा पहुंचाएगा. इस बोर्ड को 100 करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजट मिला है.

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Princy Sharma

PM Modi to launch Makhana Board: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बिहार के पूर्णिया जिले में एक रैली को संबोधित करेंगे और 36,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे. इस दौरान, प्रधानमंत्री एक अहम परियोजना का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड. यह बोर्ड मखाना (फॉक्स नट) उद्योग को एक नई दिशा देगा और बिहार के किसानों को बड़े फायदे दिलाएगा.

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड एक नई सरकारी संस्था है, जिसका उद्घाटन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 के बजट में किया था. यह बोर्ड मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण में सुधार करने के लिए बनाया गया है. विशेषकर बिहार में, जो देश का लगभग 80-90 प्रतिशत मखाना उत्पादित करता है. इस बोर्ड को शुरुआती तौर पर 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.

प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का मुख्य उद्देश्य मखाना उद्योग को बढ़ावा देना है. इसके अंतर्गत मखाना के प्रसंस्करण में सुधार किया जाएगा, ताकि इसकी गुणवत्ता और बाजार में मूल्य में वृद्धि हो सके. इसके साथ ही, बोर्ड मखाना को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बढ़ावा देगा, विशेष रूप से इसे सुपरफूड के रूप में स्थापित करेगा.

बोर्ड मखाना किसानों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं तक पहुंच भी प्रदान करेगा, साथ ही किसानों को कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) में संगठित करेगा.

किसानों को कैसे फायदा होगा ?

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीक, सुधरी हुई फसल प्रबंधन और मूल्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित करेगा. इसके अलावा, यह मखाना के विपणन, निर्यात और ब्रांडिंग में भी मदद करेगा, जिससे बिहार के मखाना उत्पादकों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी.

बिहार के लिए मखाना बोर्ड का महत्व

बिहार के प्रमुख जिलों जैसे मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, किशनगंज, और अररिया में मखाना उत्पादन के लिए उपयुक्त जलवायु और मिट्टी है, जिससे मखाना की गुणवत्ता सबसे बेहतरीन मानी जाती है. अब, मखाना बोर्ड के स्थापित होने से न केवल बिहार के किसानों को लाभ होगा, बल्कि इस उद्योग का राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकास होगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद मखाना और बिहार के गहरे संबंधों का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, 'मखाना और बिहार का एक मजबूत रिश्ता है, और पूर्णिया से राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की शुरुआत से कई किसानों को लाभ होगा.'