पटना: रविवार को बिहार की सियासत में एक अहम घटनाक्रम देखने को मिला. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण कर ली. पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जेडीयू नेताओं और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह नजर आया. खास बात यह रही कि निशांत बेहद सादे पहनावे में कार्यक्रम में पहुंचे, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया. उनके राजनीति में कदम रखने को बिहार की नई पीढ़ी की एंट्री के तौर पर देखा जा रहा है.
जेडीयू कार्यालय पहुंचते समय निशांत कुमार कुर्ता-पजामा और हवाई चप्पल पहने नजर आए. उनका यह सादा अंदाज वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. जैसे ही वह पार्टी कार्यालय पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया. ढोल-नगाड़ों की आवाज और नारों के बीच माहौल उत्सव जैसा हो गया. कार्यकर्ताओं ने ‘बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो’ जैसे नारे भी लगाए.
कार्यक्रम के दौरान जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, बिजेंद्र यादव और मंत्री सुनील कुमार समेत पार्टी के कई प्रमुख चेहरे इस मौके पर दिखाई दिए. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. इसके बावजूद पार्टी कार्यालय कार्यकर्ताओं से खचाखच भरा रहा. निशांत के स्वागत में ढोल-नगाड़े बजाए गए और कई जगह पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया गया.
#WATCH | Patna, Bihar: Nishant Kumar, son of CM Nitish Kumar, joins the Janata Dal (United) party pic.twitter.com/9qKnRMTxCR
— ANI (@ANI) March 8, 2026
निशांत कुमार जब जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे. स्वागत के लिए फूलों की वर्षा की गई और जुलूस जैसा माहौल बन गया. कुछ कार्यकर्ता हाथी, घोड़े और ऊंट लेकर भी पहुंचे थे, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक बन गया. यह दृश्य पार्टी के भीतर नई ऊर्जा और उत्साह का संकेत माना जा रहा है.
सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को उनके पिता नीतीश कुमार पर विश्वास बनाए रखना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि वह जनता के दिलों में जगह बनाने की कोशिश करेंगे. जेडीयू नेताओं का मानना है कि निशांत शांत और सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं. पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि उनकी एंट्री से संगठन को नई दिशा मिल सकती है.