T20 World Cup 2026

'इनके पति ने इन्हें मुख्यमंत्री बनाया था', आरक्षण को लेकर बिहार विधान परिषद में नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी बहस, वीडियो वायरल

यह हंगामा तब शुरू हुआ जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सदस्य विरोध के तौर पर हरे रंग की टी-शर्ट पहनकर सदन में पहुंचे. नाराज नीतीश कुमार ने इसे "नौटंकी" करार देते हुए इसकी प्रासंगिकता पर सवाल उठाए.

Sagar Bhardwaj

बिहार विधान परिषद में मंगलवार को आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष की नेता राबड़ी देवी के बीच तीखी बहस छिड़ गई. यह हंगामा तब शुरू हुआ जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सदस्य विरोध के तौर पर हरे रंग की टी-शर्ट पहनकर सदन में पहुंचे. नाराज नीतीश कुमार ने इसे "नौटंकी" करार देते हुए इसकी प्रासंगिकता पर सवाल उठाए. उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा, “ये सब नौटंकी है. इसका कोई मतलब नहीं. क्या आपने देश में कहीं ऐसा कुछ देखा है?”

नीतीश का राबड़ी पर व्यक्तिगत हमला
स्थिति तब और बिगड़ गई जब नीतीश ने राबड़ी देवी, जो पूर्व मुख्यमंत्री और RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पत्नी हैं, पर व्यक्तिगत टिप्पणी की. उन्होंने हिंदी में कहा, “ई बेचारी को कुछ आता है? इसे तो ऐसे ही मुख्यमंत्री बना दिया.” उन्होंने आगे कहा, “जब लालू को हटाया गया, तब इसे मुख्यमंत्री बनाया गया. क्या किसी दूसरी पार्टी में ऐसा देखा है?” इस टिप्पणी से RJD सदस्य भड़क गए और तुरंत विरोध शुरू कर दिया. राबड़ी देवी भी चुप नहीं रहीं और दोनों के बीच तीखी तकरार हुई.

आरक्षण नीति और विधानसभा में हंगामा
विपक्ष ने मांग की कि बिहार की 65% आरक्षण नीति को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए. इस दौरान RJD सदस्यों ने विधानसभा के अंदर फर्नीचर उलटने की कोशिश भी की. नीतीश कुमार बार-बार राबड़ी देवी को निशाना बनाते रहे हैं. गुरुवार को उन्होंने एक और तीखा व्यक्तिगत हमला बोला और कहा, “इनके पति ने इन्हें मुख्यमंत्री बनाया था जब उन्हें निलंबित किया गया था.” जब राबड़ी ने अपने आठ साल के कार्यकाल और उपलब्धियों का बचाव करने की कोशिश की, तो नीतीश ने मगही में कहा, “छोड़ा न, तोहरा कुछ मालूम है” (आप चुप रहें, आपको कुछ पता नहीं). 

शासन और महिला कल्याण पर मतभेद
दोनों के बीच शासन और महिला कल्याण जैसे मुद्दों पर भी टकराव हुआ. नीतीश ने राबड़ी को “परिस्थितियों का मुख्यमंत्री” कहा, जिसके जवाब में राबड़ी ने नीतीश पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया और विपक्षी सदस्यों के साथ सदन से वॉकआउट कर दिया.