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700 गाड़ियों 3500 लोग.... बिहार में पोते ने DJ की धुन पर निकाली 100 साल की दादी की शव यात्रा, खुशी में झूमा परिवार

बिहार के भोजपुर में एक अनोखी शवयात्रा ने सबको हैरान कर दिया है. 95 साल की दादी की विदाई को पोतों ने इतनी भव्य बना दिया कि लोग इसे बारात समझ बैठे.

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Babli Rautela

कभी आपने किसी शवयात्रा को बारात जैसा देखा है. शायद नहीं. लेकिन बिहार के भोजपुर में कुछ ऐसा ही हुआ जिसने हर किसी को चौंका दिया है. यहां एक पोते ने अपनी दादी की आखिरी विदाई को इतना भव्य बना दिया कि लोग देखते ही रह गए. 700 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला, हजारों की भीड़, डीजे, लौंडा डांस और ड्रोन कैमरे. यह सब किसी शादी में नहीं बल्कि एक शवयात्रा में हुआ. इस अनोखे अंदाज ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है और सोशल मीडिया पर भी लोग हैरान हैं.

बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड में यह घटना सामने आई, जहां 95 साल की कौशल्या देवी का निधन हो गया. आमतौर पर जहां अंतिम यात्रा सादगी से होती है, वहीं यहां पोतों ने इसे यादगार बनाने का फैसला किया. इस फैसले ने एक साधारण शवयात्रा को पूरे इलाके की सबसे चर्चित घटना बना दिया. लोगों की भीड़ इतनी थी कि हर कोई बस इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए जुट गया.

700 गाड़ियां और हजारों लोगों की भीड़

इस शवयात्रा की सबसे बड़ी खासियत थी इसका विशाल आयोजन. पोते रमेश पांडे ने सिर्फ 24 घंटे के अंदर 700 से ज्यादा गाड़ियों का इंतजाम कर लिया. इस काफिले में करीब 3500 से ज्यादा लोग इस यात्रा में शामिल हुए. सड़कों पर लंबा काफिला देखकर लोगों को लगा जैसे कोई बड़ी बारात निकल रही हो. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई लोग अपने घरों की छतों पर चढ़कर इस दृश्य को देखने लगे.

इस शवयात्रा में सिर्फ गाड़ियों का काफिला ही नहीं था, बल्कि पूरा माहौल एक समारोह जैसा बन गया था. बैंड बाजा, डीजे और पारंपरिक लौंडा डांस ने इस यात्रा को और भी अलग बना दिया. इसके साथ ही ड्रोन कैमरे से पूरी यात्रा की रिकॉर्डिंग की गई, जिससे हर एंगल से इस आयोजन को कैद किया गया. लोगों को समझ ही नहीं आ रहा था कि यह विदाई है या कोई जश्न.

दादी की आखिरी इच्छा ने बदली तस्वीर

बता दें की कौशल्या देवी ने अपने जीवन में एक इच्छा जताई थी. उन्होंने कहा था कि जैसे वह इस घर में दुल्हन बनकर आई थीं, वैसे ही उनकी विदाई भी धूमधाम से होनी चाहिए. उनकी इसी इच्छा को उनके 6 पोतों ने दिल से पूरा किया. उन्होंने सिर्फ इच्छा पूरी नहीं की बल्कि उसे एक बड़े आयोजन में बदल दिया, जो अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है.