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Flood in Bihar: रौद्र रूप में कोसी, गंडक ने भी बरपाया बाढ़ का कहर, 10 लाख की आबादी प्रभावित

नेपाल में भारी बारिश की मार बिहार के लोगों को झेलनी पड़ रही है। 56 साल बाद जहां कोसी ने बिहार में रौद्र रुप धारण कर लिया है। तो ऐसे में 21 साल बाद गंडक नदी भी आस-पास के क्षेत्रों को अपने आगोश में भर रही है। बिहार में इस समय 16 जिले बाढ़ से प्राभावित हैं। दोनों ही नदियों के जलस्तर में इस बार गेज पॉइंट पर सबसे ऊपरी आंकडे को पार कर नया रिकॉर्ड बना लिया है।

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Madhvi Tanwar

नेपाल में भारी बारिश की मार बिहार के लोगों को झेलनी पड़ रही है। 56 साल बाद जहां कोसी ने बिहार में रौद्र रुप धारण कर लिया है। तो ऐसे में 21 साल बाद गंडक नदी भी आस-पास के क्षेत्रों को अपने आगोश में भर रही है। बिहार में इस समय 16 जिले बाढ़ से प्राभावित हैं। दोनों ही नदियों के जलस्तर में इस बार गेज पॉइंट पर सबसे ऊपरी आंकडे को पार कर नया रिकॉर्ड बना लिया है। बाढ़ के कारण बिहार के कई जिलों में तकरीबन 8 लोगों के जिंदा बहने की भी सूचना आई है। जबकि 1 महिला को इस दौरान हार्ट अटैक आ गया था, बाढ़ में समय रहते इलाज ना मिल पाने के कारण महिला की मौत हो गई। 

नदियों के तटबंधों को ऊंचा करने का होगा काम

बिहार में पिछले 24 घंटे में कई अलग जिलों में 7 तटबंध टूट गए हैं। दूसरी तरफ सरकार ने नदियों के जलस्तर को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। जल संसाधन विभाग की तरफ से भी बाढ़ प्रभावित जिलों के अभियंता और कर्मियों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। बिहार सरकार जलस्तर के कम होने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद सरकार नदियों के तटबंधों की ऊंचाई को बढ़ाने पर काम करेगी।  16 जिलों के 55 प्रखंडों की 9.90 लाख आबादी बाढ़ से घिरी हुई है। गंडक बेराज से 21 साल में पहली बार रिकॉर्ड 5.62 लाख और कोसी बेराज से 56 साल में पहली बार रिकॉर्ड 6.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 

दरभंगा में बांध टूटा, 25 गांव की आबादी प्रभावित

बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वर क्षेत्र में पुर्वी प्रखंड के पूर्वी बलान बांध सोमवार की रात को श्रीपुर गोबराही के पास से टूट गया। इसकी वजह से भिंडुवा, सिद्धिपुर, गोबराही समेत 25 गांव के लोग बाढ़ ग्रस्त हो गए। लोगों के घर में पानी भर गया तो खेत जल मग्न हो गए। कुशेश्वर स्थान पूर्वी के CO गोपाल कुमार पासवान के अनुसार साढ़े 8 बजे रात के समय बांध अचानक से टूट गया। मंगलवार की सुबह NDRF-SDRF की टीम पहुंचेगी। जिसके बाद राहत बचाव कार्य शुरू होने की संभावना है।