खान सर को कोर्ट की बड़ी राहत, फायरिंग केस में पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

खान सर फायरिंग केस में पटना सिविल कोर्ट ने खान सर गिरफ्तारी मामले में अंतरिम सुरक्षा दी. खान सर कोचिंग पर फायरिंग के बाद खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैसल खान ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी.

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Meenu Singh

बिहार: खान सर फायरिंग केस में पटना सिविल कोर्ट ने मंगलवार को जाने-माने शिक्षक और यूट्यूबर खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी. खान सर गिरफ्तारी मामले में यह राहत जिला न्यायाधीश की अदालत में चल रही अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान दी गई. अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक यह अंतरिम सुरक्षा प्रभावी रहेगी, तब तक जांच एजेंसी उनसे पूछताछ तो कर सकती है, लेकिन गिरफ्तारी जैसी किसी भी कार्यवाही पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.

क्या है खान सर कोचिंग फायरिंग की घटना 

खान सर कोचिंग फायरिंग की यह पूरी घटना दो जून की रात पटना के कदमकुआं इलाके में हुई थी. उस रात पंद्रह से बीस लोगों के एक समूह ने खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के बाहर लगे पोस्टर फाड़े और परिसर पर पत्थर फेंके. इसके बाद संस्थान के सुरक्षा कर्मियों ने कथित तौर पर गोलीबारी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला.

खान सर के खिलाफ दर्ज हुई FIR

पुलिस ने इस घटना के आधार पर कदमकुआं थाने में FIR दर्ज की. इस FIR में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर का नाम भी शामिल किया गया. पुलिस के अनुसार संस्थान से जुड़े दो सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार किया गया और वे इस समय न्यायिक हिरासत में हैं. जांच के दौरान दावा किया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान इन कर्मियों ने फायरिंग की बात स्वीकार की. 

अदालत में क्या हुआ

खान सर पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने तर्क दिया कि जांच अभी चल रही है और इस दौरान गिरफ्तारी उचित नहीं होगी. अदालत ने इन तर्कों को सुनने के बाद अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया.

अदालत ने पुलिस को पहले ही केस डायरी और सबूत जमा करने का निर्देश दिया था
एक अन्य आरोपी रोशन आनंद की अग्रिम जमानत याचिका पर भी अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा. अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर पूरी तरह रोक जारी रहेगी.

खान सर का पक्ष

खान सर ने इस पूरे मामले में अपनी किसी भी तरह की भागीदारी से साफ इनकार किया है. उनके अनुसार वे इस घटना से पूरी तरह बेखबर थे और उनके संस्थान को जान-बूझकर निशाना बनाया गया. उन्होंने कानूनी मार्ग अपनाते हुए अग्रिम जमानत की मांग की और अदालत ने उनकी याचिका पर विचार करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की.