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‘हाथी चले बाजार’ बयान पर बवाल, BPSC अधिकारी ने मांगी माफी; CM सम्राट ने किया सस्पेंड

70वीं BPSC परीक्षा को लेकर विवादित बयान देने वाले परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह पर बिहार सरकार ने कार्रवाई की है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
‘हाथी चले बाजार’ बयान पर बवाल, BPSC अधिकारी ने मांगी माफी; CM सम्राट ने किया सस्पेंड
Courtesy: X

बिहार में 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर चल रहा छात्रों का विरोध अब अधिकारी के बयान के बाद और तेज हो गया है. परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह का ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ वाला बयान वायरल हुआ. इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारी को निलंबित करने का निर्देश दिया.

‘हाथी चले बाजार’ वाले बयान पर विवाद

पटना के गर्दनीबाग में 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र धरने पर बैठे हैं. इसी दौरान मीडिया ने परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह से परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों पर सवाल किया. उन्होंने कहा कि अगर छात्रों के पास आरोपों को साबित करने के लिए तथ्य हैं तो वे अदालत जा सकते हैं. इसके बाद उन्होंने मीडिया से अपनी बात काटने को कहा और ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ वाली कहावत कही. वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा और अधिकारी ने गलत कहावत इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगी.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिए निलंबन के निर्देश

विवादित वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले का संज्ञान लिया. उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह को निलंबित करने का निर्देश दिया. सरकार की इस कार्रवाई के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है. वहीं, गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. प्रदर्शनकारी सिर्फ 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर ही अपनी मांग नहीं उठा रहे हैं, बल्कि TRE-4 का विज्ञापन जल्द जारी करने की मांग भी कर रहे हैं. इसके अलावा वे TRE-4 की परीक्षा दो चरणों में कराने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं.

70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र

छात्रों का मुख्य आरोप 70वीं BPSC परीक्षा में कथित पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों को लेकर है. इन्हीं मुद्दों को लेकर कई दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर प्रदर्शन चल रहा है. प्रदर्शनकारी परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए. ऐसे में अधिकारी का विवादित बयान छात्रों के गुस्से को और बढ़ाने वाला साबित हुआ. अब निलंबन के बाद छात्रों की नजर सरकार के अगले कदम और परीक्षा से जुड़े फैसले पर है.