बांकीपुर उपचुनाव में किसकी होगी जीत? प्रशांत किशोर की तीसरी राजनीतिक परीक्षा का आज होगा फैसला

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना शुरू हो गई है. सबसे पहले पोस्टल बैलट की गिनती की जा रही है, जिसके बाद ईवीएम के वोट गिने जाएंगे. इस चुनाव को प्रशांत किशोर की तीसरी बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है.

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Km Jaya

बांकीपुर: बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. सोमवार सुबह मतगणना शुरू हो चुकी है और सबसे पहले पोस्टल बैलट की गिनती की जा रही है. इसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होगी. 

शुरुआती रुझान कुछ ही समय में सामने आने लगेंगे, जबकि दोपहर तक तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है. इस उपचुनाव पर पूरे बिहार की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की तीसरी बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है.

कौन है उम्मीदवार?

बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री बने नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज पार्टी ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का चुनाव घोषित किया है. राष्ट्रीय जनता दल की ओर से रेखा गुप्ता मैदान में हैं. इस मुकाबले को त्रिकोणीय माना जा रहा है, हालांकि मतदान के बाद आए कुछ एग्जिट पोल में जन सुराज के उम्मीदवार को भाजपा पर बढ़त मिलने का दावा किया गया था.


प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान इस उपचुनाव को सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह बताया था. उन्होंने कहा था कि यदि जनता भाजपा को हराती है तो इसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई देगी. दूसरी ओर भाजपा ने इस सीट को अपने मजबूत गढ़ के रूप में पेश करते हुए जीत का भरोसा जताया था.

कितने मतदान केन्द्र हैं?

मतगणना पटना के एएन कॉलेज परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो रही है. बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 422 मतदान केंद्र हैं. इन सभी केंद्रों की ईवीएम की गिनती लगभग 30 से 31 राउंड में पूरी होने की संभावना है. प्रत्येक राउंड के बाद चुनाव आयोग सभी उम्मीदवारों को मिले वोटों की आधिकारिक जानकारी जारी करेगा. इससे रुझानों में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है.

सबसे पहले पोस्टल बैलट की गिनती की जा रही है. इसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होगी. चुनाव आयोग की ओर से प्रत्येक चरण के नतीजे सार्वजनिक किए जाएंगे. ऐसे में अंतिम परिणाम आने तक किसी भी दावे को आधिकारिक नहीं माना जा सकता.

यह सीट क्यों है महत्वपूर्ण?

यह उपचुनाव जन सुराज पार्टी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव और उससे पहले हुए चार उपचुनावों में पार्टी कोई सीट जीतने में सफल नहीं हुई थी. ऐसे में बांकीपुर का नतीजा यह तय करेगा कि प्रशांत किशोर की राजनीतिक रणनीति को जनता का कितना समर्थन मिल रहा है. वहीं भाजपा के लिए भी यह सीट अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की बड़ी चुनौती है.

अब पूरे बिहार की नजरें मतगणना पर टिकी हैं. दोपहर तक साफ हो जाएगा कि एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होते हैं या भाजपा अपनी सीट बचाने में सफल रहती है. अंतिम फैसला मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा से ही होगा.