Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026

विशेष राज्य की लिस्ट में बिहार नहीं होगा शुमार! क्या अब NDA से अलग होंगे नीतीश कुमार

Bihar Special Status: 18वीं लोकसभा में 12 सांसदों वाली जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की पार्टी लंबे समय से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रही है. एनडीए में भले ही वो बीजेपी की सहयोगी पार्टी है लेकिन वो इस मुद्दे पर पहले भी साथ छोड़ चुकी है. इस बीच सोमवार को जब बजट सत्र के पहले दिन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने को लेकर सवाल किया गया तो एनडीए ने साफ कर दिया कि ये नहीं हो सकता है.

IDL
India Daily Live

Bihar Special Status: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने सोमवार को कहा कि इंटर-मिनिस्ट्री समूह (आईएमजी) की 2012 की रिपोर्ट के अनुसार बिहार को विशेष दर्जा नहीं दिया जा सकता है, जिससे बीजेपी की प्रमुख सहयोगी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को बड़ा झटका लगा है. 

बिहार को नहीं मिलेगा स्पेशल स्टेटस

झंझारपुर लोकसभा सांसद रामप्रीत मंडल को लिखित जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, "योजना सहायता के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की ओर से अतीत में कुछ राज्यों को दिया गया था, जिनकी कई विशेषताएं थीं, जिन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता थी. इन विशेषताओं में (i) पहाड़ी और कठिन भूभाग, (ii) कम जनसंख्या घनत्व और/या आदिवासी आबादी का बड़ा हिस्सा, (iii) पड़ोसी देशों के साथ सीमाओं पर रणनीतिक स्थान, (iv) आर्थिक और ढांचागत पिछड़ापन और (v) राज्य के वित्त की गैर-व्यवहार्य प्रकृति शामिल थी." 

पंकज चौधरी के लिखित जवाब में आगे कहा गया है कि यह डिसिजन ऊपर लिखे गए सभी कारकों और राज्य की खास स्थिति के एकीकृत विचार के आधार पर लिया गया था. इससे पहले, बिहार के विशेष राज्य के दर्जे के अनुरोध पर आईएमजी ने विचार किया था, जिसने 30 मार्च 2012 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी. आईएमजी ने निष्कर्ष निकाला कि मौजूदा एनडीसी मानदंडों के आधार पर, बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे का मामला नहीं बनता है.

बीजेपी के जवाब के बाद आ सकता है राजनीतिक भूचाल

वहीं एनडीए की ओर से ये जवाब मिलने के बाद अब राजनीतिक भूचाल आने के कयास लगाए जा रहे हैं. लंबे समय से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रही जेडीयू ने संसद सत्र से पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक के दौरान एक बार फिर से अपनी मांग दोहराई थी, हालांकि सोमवार को लिखित में मिला जवाब निराशाजनक साबित हुआ है.

लालू-पप्पू बोले- इस्तीफा दें नीतीश कुमार

जहां केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री की ओर से दिए गए जवाब पर अभी तक जेडीयू की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है तो वहीं पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने जमकर निशाना साधा है. आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने तो इस मुद्दे पर बिहार सीएम से इस्तीफे की मांग की है और कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को स्पेशल स्टेटस दिलवाने का वादा किया था. ऐसे में अगर वो ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए, बिहार को स्पेशल स्टेटस और स्पेशल पैकेज दोनों ही मिलने चाहिए.

वहीं बिहार के दिग्गज नेता और इंडिपेंडेंट सांसद पप्पू यादव ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा तो जनादेश का अपमान करने वाली सरकार को भी नहीं चलने दिया जाएगा. बिहार नहीं तो गुजरात को विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा, सीमांचल के लिए विशेष पैकेज भी लेकर रहेंगे.

समर्थन हटाया तो गिर सकती है सरकार

गौरतलब है कि जब भी किसी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाता है तो उस राज्य को केंद्रीय सरकार की ओर से जारी की जानें वाली योजनाओं के लिए फंडिंग ज्यादा दी जाती है तो वहीं पर टैक्स में भी रियायत मिलती है. आपको बता दें कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 240 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े 272 से कम है.

यह जेडीयू और तेलुगु देशम पार्टी के समर्थन पर निर्भर है, जिनके निचले सदन में कुल 28 सदस्य हैं. वहीं जेडीयू के अलावा, चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी ने भी आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग की है, जिसे 2014 में विभाजित किया गया था और तेलंगाना के रूप में एक नया राज्य बनाया गया था.