Maharashtra Politics: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के चीफ प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात की . दोनों नेताओं के बीच यह महत्वपूर्ण मुलाकात इस साल के अंत में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले महत्वपूर्ण मानी जा रही है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया कि दोनों नेताओं ने सिंचाई, दूध की कीमतों और चीनी मिलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की.
इससे पहले बीजेपी के महाराष्ट्र अधिवेशन में गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा था. इस दौरान उन्होंने शरद पवार को भ्रष्टाचार का सरगना कहा था. वहीं, उद्धव ठाकरे को औरंगजेब का फैन बताया था. इसके अलावा उन्होंने कहा था कि आने वाले दिनों में राहुल गांधी का घमंड चूर-चूर हो जाएगा. सीएम शिंदे ने भी विपक्षी एमवीए से अपने कार्यों पर विचार करने का आग्रह किया था.
पुणे में भाजपा के अधिवेशन को संबोधित करते हुए शाह ने पवार पर तीखा हमला किया था. उन्होंने पवार को राजनीतिक भ्रष्टाचार का सरगना बताया था. वहीं, उद्धव पर हमला करते हुए उन्हें औरंगजेब फैन क्लब का प्रमुख बताया था.इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भतीजे अजित पवार के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं. लोकसभा चुनाव में मिले झटके के कारण महायुति में उनकी पार्टी का दबदबा कम हो गया है. लोकसभा चुनाव के नतीजों के आने के बाद एनसीपी का आगामी विधानसभा में प्रदर्शन भी सवालों के घेरे में आ गया है. इस दौरान RSS से जुड़ी मराठी पत्रिका विवेक ने भी आग में घी डालने वाला काम किया है. महाराष्ट्र बीजेपी में एनसीपी को गठबंधन से बाहर करने की मांग शुरू हो गई है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसका असर ये हुआ है कि अजित पवार अब अकेले पड़ने लगे हैं. अपने भविष्य को लेकर अजित फिर से शरद पवार की शरण में जाने का मन बनाते दिख रहे हैं. फिलहाल उनकी वापसी का रास्ता अभी साफ नहीं हुआ है. अजित की वापसी के सवाल पर शरद पवार नेकहा था कि पार्टी को कमजोर करने वालों को जगह नहीं मिलेगी, लेकिन जो पार्टी को मजबूत बनाना चाहते हैं और उसकी छवि को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं तो उनका स्वागत है.