भैंस का असली मालिक कौन? DNA टेस्ट से होगा अंतिम फैसला; गया में IG तक पहुंचा मामला

गया के अतरी क्षेत्र में एक भैंस पर दो पक्षों ने अपना दावा किया है. एक पक्ष इसे हाल में खोई हुई भैंस बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष दावा कर रहा है कि यही भैंस चार साल पहले चोरी हुई थी.

Pinterest
Km Jaya

गया: बिहार के गया में एक भैंस के मालिकाना हक को लेकर ऐसा विवाद सामने आया है, जिसका फैसला अब DNA जांच से होने वाला है. अतरी थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव में एक ही भैंस पर दो पक्ष अपना दावा कर रहे हैं. दोनों पक्षों के दावों को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मगध प्रक्षेत्र के IG विकास वैभव तक पहुंच गया. अब पुलिस DNA जांच के जरिए भैंस के असली मालिक की पहचान करने की तैयारी में है.

ग्रामीणों के अनुसार मोहड़ा के से उतर निवासी सूरज यादव की भैंस कुछ दिन पहले लापता हो गई थी. काफी तलाश के बाद पता चला कि भैंस उपथू के महाचक गांव होते हुए नौरंगा टोली पहुंच गई है. वहां प्रकाश मांझी ने उसे अपने पास रख लिया. जानकारी मिलने के बाद सूरज यादव नौरंगा पहुंचे और भैंस को अपनी बताते हुए पुलिस में शिकायत की.

कैसे सुलझा मामला?

इसके बाद अतरी थाना पुलिस भैंस को थाने ले आई. पूछताछ के बाद उसे सूरज यादव को सौंप दिया गया. हालांकि, इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया. एक पक्ष की ओर से थाना प्रभारी पर दूसरे पक्ष की मदद करने का आरोप भी लगाया गया. मामला बढ़ने पर भैंस को दोबारा थाने बुलाया गया और कुछ समय तक वह थाने में रही. फिलहाल उसे फिर सूरज यादव को सौंप दिया गया है.


चार साल पहले चोरी होने का दावा

प्रकाश मांझी का दावा है कि करीब चार साल पहले उनकी यही भैंस चोरी हो गई थी. उनका कहना है कि भैंस जब नौरंगा पहुंची तो उसने अपने पुराने घर को पहचान लिया और वापस लौट आई. दूसरी तरफ सूरज यादव का कहना है कि भैंस उनकी है. इसी दावे को लेकर पुलिस के सामने असली मालिक की पहचान करना चुनौती बन गया है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए IG विकास वैभव ने DNA जांच कराने का निर्देश दिया है. ग्रामीण SP दिव्यांजलि जायसवाल को मामले की निष्पक्ष और तेज जांच करने को कहा गया है.

ऐसे होगी DNA जांच

पुलिस दोनों पक्षों के पास मौजूद भैंस के बच्चों या संबंधित पशुओं के DNA से इस भैंस का मिलान कराने की तैयारी कर रही है. जिस पक्ष के DNA से भैंस का मिलान होगा, उसे मालिकाना हक के दावे में मजबूत आधार माना जाएगा. DNA रिपोर्ट के साथ दूसरे उपलब्ध तथ्यों की भी जांच की जाएगी.

मंगलवार को हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने ग्रामीणों और प्रकाश मांझी के परिवार से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ IG विकास वैभव से मुलाकात कर निष्पक्ष और जल्द जांच की मांग की.

अब इस पूरे मामले में पुलिस की जांच और DNA रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि भैंस आखिर किसकी है और दोनों पक्षों में से किसका दावा सही है. फिलहाल गया का यह अनोखा मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि एक भैंस के मालिकाना हक का फैसला DNA जांच के जरिए होने जा रहा है.