पटना की सड़कों पर मंगलवार को प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन तेज हो गया. 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से राजभवन की ओर बढ़े. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेड लगाए थे, लेकिन छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई. पुलिस ने छात्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकने की कोशिश की.
प्रदर्शनकारी छात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च का ऐलान किया था. रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी. छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करना चाहते थे और अपनी मांगों को लेकर लगातार आगे बढ़ रहे थे. पुलिस की रोक के बावजूद जब प्रदर्शनकारी नहीं रुके तो दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया. बैरिकेड टूटने के बाद मौके पर स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई.
#WATCH | Patna, Bihar: Students break through barricades as they head towards Raj Bhavan from Gandhi Maidan, demanding cancellation of the 70th BPSC examination. pic.twitter.com/amZNHwfqZQ
— ANI (@ANI) August 25, 2026
डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह ने कहा कि पुलिस छात्रों को आगे बढ़ने से रोकेगी. उन्होंने बताया कि अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई है और माहौल सकारात्मक रहा. पुलिस को उम्मीद थी कि बातचीत के बाद छात्र वापस लौट जाएंगे. हालांकि, यदि प्रदर्शनकारी नहीं मानते हैं तो उन्हें वहीं रोकने की बात कही गई. पुलिस ने साफ किया कि छात्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.
प्रदर्शनकारी 70वीं बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा टीआरई-4 शिक्षक भर्ती में एक ही परीक्षा कराने, पीटी और मेंस की व्यवस्था हटाने तथा नकारात्मक अंक देने का नियम खत्म करने की मांग है. छात्र बीपीएससी और दारोगा समेत सभी परीक्षाओं में पारदर्शिता चाहते हैं. साथ ही स्थानीय निवास नीति, सरकारी भर्तियों में आयु सीमा बढ़ाने और उम्र में छूट की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है.
छात्र पिछले कई दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं. सरकार की ओर से उनकी कुछ मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ. छात्रों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास घेराव का फैसला किया. टीआरई-4 में पीटी-मेंस और नकारात्मक अंक व्यवस्था को लेकर भी वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद अब प्रशासन की नजर आंदोलन की अगली रणनीति पर है.