बिहार में कोचिंग सेंटरों पर बड़ा एक्शन, स्कूल टाइम में कोचिंग क्लास पर बैन; मांगा गया छात्रों का रिकॉर्ड

बिहार सरकार ने कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी शुरू की है. स्कूल समय में कोचिंग पर रोक और छात्रों का विवरण प्रशासन को उपलब्ध कराने जैसे कदमों पर जोर दिया गया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

पटना: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है. राज्य में तेजी से बढ़ते कोचिंग कल्चर और उसके नियमित स्कूली शिक्षा पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए नए नियम लागू करने की तैयारी की जा रही है. सरकार का मानना है कि छात्रों की पढ़ाई का केंद्र स्कूल और कॉलेज होने चाहिए. इसी उद्देश्य के साथ कोचिंग संस्थानों के संचालन और निगरानी को लेकर नए दिशा-निर्देश तय किए जा रहे हैं, जिनका असर लाखों छात्रों और अभिभावकों पर पड़ सकता है.

सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब स्कूल और कॉलेजों के निर्धारित शिक्षण समय के दौरान कोचिंग संस्थान कक्षाएं संचालित नहीं कर सकेंगे. यह व्यवस्था उन छात्रों के लिए लागू होगी जो नियमित रूप से विद्यालय या कॉलेज में अध्ययनरत हैं. हालांकि अपनी औपचारिक शिक्षा पूरी कर चुके विद्यार्थियों को इस नियम से बाहर रखा जाएगा, ताकि उनकी तैयारी प्रभावित न हो.

नियमित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में छात्र स्कूलों की तुलना में कोचिंग संस्थानों पर अधिक निर्भर हो गए हैं. इससे कक्षा में उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ता है. नए नियम का उद्देश्य छात्रों को फिर से नियमित शिक्षण व्यवस्था से जोड़ना और स्कूल आधारित अध्ययन को मजबूत बनाना है.


प्रशासन को देनी होगी पूरी जानकारी

नए निर्देशों के तहत सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों का पूरा रिकॉर्ड संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना होगा. इसमें छात्रों से जुड़ी आवश्यक जानकारियां शामिल होंगी. सरकार का कहना है कि इससे कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखने और आवश्यक प्रशासनिक नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी.

शिक्षा विभाग तैयार करेगा नियमावली

सरकार ने शिक्षा विभाग को इस संबंध में विस्तृत नियमावली तैयार करने के निर्देश दिए हैं. विभाग संचालन के समय, पंजीकरण, निगरानी और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करेगा. इसके बाद राज्यभर में इन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई

सरकार ने संकेत दिया है कि निर्धारित नियमों का पालन सभी कोचिंग संस्थानों के लिए अनिवार्य होगा. यदि कोई संस्था दिशा-निर्देशों की अनदेखी करती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है.