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Bihar News: नीतीश की घर वापसी पर नहीं छोड़ा पुराना मुद्दा, क्या लोकसभा चुनाव से पहले सुलझेगा विशेष राज्य का मामला

Bihar News: बिहार में नीतीश कुमार ने भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए के साथ मिलकर सरकार बनाई है. गठबंधन के एक महीने बाद जेडीयू ने फिर से अपनी विशेष राज्य की मांग को दोहराया है.

India Daily Live

Bihar News: बिहार की की राजनीति में एक बार फिर से गर्माहट देखने को मिल रही है. लगातार राजनीतिक असफलताओं के बावजूद बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने फिर से अपनी एक पुरानी मांग को दोहराया है. दावा किया जा रहा है कि नीतीश की पार्टी केंद्र से बिहार के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा की मांगने की बात पर अड़िग है. 23 फरवरी को जब ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ जेडीयू नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने नई एनडीए सरकार की ओर से मांग उठाई तो सीएम को राज्य विधानसभा की ट्रेजरी बेंच से इसे मंजूरी देते हुए देखा गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक महीने पहले नीतीश कुमार, जो उस समय विपक्षी INDIA गुट का हिस्सा थे तो वही मांग उठा रहे थे. बिहार के ऊर्जा मंत्री ने सदन को बताया कि मैं इस अवसर पर प्रधान मंत्री से बिहार के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज पर विचार करने का अनुरोध करता हूं. हमने अपने सीमित संसाधनों से बहुत कुछ हासिल किया है और हमारे पास हवा, पानी और सौर स्रोतों से ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं. अगर हमें केंद्र से प्रोत्साहन मिलता है, तो हम और ज्यादा से ज्यादा लोगों की गरीबी दूर करने पर काम कर सकते हैं. 

बिहार में बड़े स्तर पर निवेश कराना चाहते हैं जदयू नेता

रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब एक महीने पहले एनडीए में लौटने के बाद यह पहली बार था कि जद (यू) ने बिहार के लिए विशेष श्रेणी की मांग को दोहराया है. जदयू के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि केंद्र को बिहार के लिए एक रास्ता खोजना होगा, जो औद्योगिक विकास के लिए काम करे. यदि हमें विशेष आर्थिक दर्जा मिलता है, तो हम राज्य में निवेश करने वाले उद्योगों को टैक्स में छूट दे सकते हैं. यह सच है कि हम यूपीए सरकार से और एनडीए सरकार से विशेष राज्य का दर्जा हासिल नहीं कर पाए हैं, क्योंकि नियम इसकी इजाजत नहीं देते, लेकिन बिहार को अभी भी विशेष आर्थिक पैकेज दिया जा सकता है.

कहा- बिहार में अपार हैं संभावनाएं

गुजरात की तरह हम भी विशेष आर्थिक क्षेत्र बना सकते हैं. चमड़ा, कपड़ा, इथेनॉल, आईटी और कई क्षेत्रों में स्टार्ट-अप के साथ हमारी हालिया सफलताओं ने हमें विश्वास दिलाया है कि बिहार भी औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से विकास कर सकता है. यह पूछे जाने पर कि क्या जद (यू) इस मांग के जरिए पार्टी को फिर से राजनीतिक रूप से जीवित करना चाहता है? इस पर जेडीयू नेता ने कहा कि बिल्कुल नहीं. किसी को भी ऐसी चीजों पर बहुत अधिक नहीं पढ़ना चाहिए. यह जद (यू) के बारे में नहीं है, बल्कि राज्य सरकार और हमारी सहयोगी भाजपा के बारे में है, जो विकास के मामलों पर हमारे साथ है.

बीजेपी के डिप्टी सीएम ने रखा अपना पक्ष

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य को केंद्र से अतिरिक्त धन मिल रहा है. हमारा बजट आकार भी बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि जद(यू) की विशेष आर्थिक पैकेज की मांग पर विचार किया जा सकता है. हमारी सरकार उचित समय पर इसे संबंधित केंद्रीय मंत्रालय के सामने उठाएगी. विशेष श्रेणी की स्थिति के तहत केंद्र राज्य के साथ योजना में 90:10 के अनुपात पर काम करता है. वहीं अन्य राज्यों के लिए ये अनुपात 60:40 या 80:20 होता है.