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AIMIM ने महुआ सीट पर फेंकी सियासी बम, टॉपर्स घोटाला के आरोपी को टिकट

ओवैसी की पार्टी, जो मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने के साथ-साथ अन्य समुदायों को आकर्षित करने की रणनीति पर चल रही है, ने बच्चा राय को टिकट देकर एक जोखिम भरा दांव खेला है. बच्चा राय लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं, लेकिन टॉपर्स घोटाले के कारण उनकी छवि विवादास्पद बनी हुई है.

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Gyanendra Sharma

Bihar Election: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने वैशाली जिले की बहुचर्चित महुआ विधानसभा सीट से बदनाम टॉपर्स घोटाला के आरोपी अमित कुमार उर्फ बच्चा राय को टिकट दिया है. मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के टिकट पर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. गुरुवार को जमा हुए इस पर्चे ने न केवल स्थानीय राजनीति को हिला दिया है, बल्कि विपक्षी दलों के बीच खलबली मचा दी है. AIMIM के इस फैसले ने महुआ को त्रिकोणीय मुकाबले का केंद्र बना दिया, जहां अब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मौजूदा विधायक मुकेश रोशन, लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और बच्चा राय के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है.

बच्चा राय का AIMIM से जुड़ाव कोई नई बात नहीं है. पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने 28 अगस्त को उन्हें औपचारिक रूप से सदस्यता दिलाई थी. इसके बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह में जब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सीमांचल के दौरे पर पहुंचे, तब उनकी बच्चा राय से भेंट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. इन तस्वीरों ने महुआ से उनके उम्मीदवारी की अटकलों को बल दिया. ओवैसी की पार्टी, जो मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने के साथ-साथ अन्य समुदायों को आकर्षित करने की रणनीति पर चल रही है, ने बच्चा राय को टिकट देकर एक जोखिम भरा दांव खेला है. बच्चा राय लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं, लेकिन टॉपर्स घोटाले के कारण उनकी छवि विवादास्पद बनी हुई है. इस घोटाले में उन्हें शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था.

महुआ से लड़ रहे तेज प्रताप यादव


महुआ सीट का इतिहास भी कम रोचक नहीं है. वर्तमान में आरजेडी के मुकेश रोशन यहां विधायक हैं, जिन्होंने पिछले चुनाव में जीत हासिल की थी. लेकिन इस बार मुकाबला और उलझा हुआ है, क्योंकि तेज प्रताप यादव ने भी इसी सीट से दावा ठोका है. तेज प्रताप 2015 में महुआ से ही पहली बार विधायक बने थे, जबकि उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव वैशाली जिले की राघोपुर सीट से सफल रहे. 2020 के विधानसभा चुनाव में तेज प्रताप को समस्तीपुर जिले की हसनपुर सीट पर उतारा गया, जहां वे शानदार जीत दर्ज करा सके. हालांकि, हाल ही में लालू प्रसाद ने परिवार और पार्टी से उन्हें निष्कासित कर दिया, जिसके बावजूद तेज प्रताप महुआ लौटने के इच्छुक थे. वे पार्टी से अलग होने से कहीं पहले ही इस सीट पर दावा जता रहे थे, 

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में महुआ सीट चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) को मिली है. चिराग पासवान ने यहां से संजय सिंह को लड़ा दिया है, जो राजपूत जाति से आते हैं. संयोग से मुकेश रोशन, तेज प्रताप यादव और बच्चा राय तीनों ही यादव हैं.