Bihar Election 2025 Exit Poll of polls: बिहार में एक बार फिर से नीतिशे सरकार, तेजस्वी-राहुल हुए फ्लॉप
बिहार विधानसभा चुनाव आज, 11 नवंबर को संपन्न हो गए. नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. उससे पहले, कई कंपनियों ने अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए हैं. तो आइए जानते हैं कि Exit Poll of polls क्या कहते हैं.
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने से पहले ही एग्जिट पोल्स ने राज्य की सियासी तस्वीर लगभग साफ कर दी है. सभी प्रमुख एग्ज़िट पोल्स के औसत नतीजे बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) एक बार फिर से सत्ता में वापसी करने जा रहा है. वहीं महागठबंधन (MGB), जिसमें राजद और कांग्रेस शामिल हैं, उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता दिख रहा है.
कुल 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में बहुमत का आंकड़ा 122 सीटों का है. Exit Poll of polls के अनुसार, NDA इस आंकड़े को आराम से पार करता नजर आ रहा है. वहीं महागठबंधन पिछली बार की तुलना में पिछड़ता हुआ दिख रहा है, जिससे तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की साझा मुहिम को बड़ा झटका लगा है.
- एग्जिट पोल ऑफ पोल्स के आंकड़े-
| Source | NDA | MGB | OTH |
| JVC's Polls | 135-150 | 88-103 | 3-6 |
| Matrize | 147-167 | 70-90 | 2-10 |
| People's insight | 133-148 | 87-102 | 3-6 |
| People's Pulse | 133-159 | 75-101 | 2-13 |
इन सभी आंकड़ों का औसत निकाला जाए तो NDA को 137 से 156 सीटों के बीच मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन 80 से 99 सीटों पर सिमट सकता है. बाकी 2 से 8 सीटें अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में जा सकती हैं.
नीतीश का करिश्मा बरकरार
नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता ने एक बार फिर बिहार में NDA को बढ़त दिलाई है. जातीय समीकरणों के साथ-साथ विकास और स्थिरता का मुद्दा भी NDA के पक्ष में गया है. खासकर महिलाओं और पहली बार वोट करने वाले युवाओं ने बड़ी संख्या में NDA को समर्थन दिया है.
तेजस्वी की मेहनत बेअसर
तेजस्वी यादव ने इस चुनाव में रोजगार, महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों को जोर-शोर से उठाया, जबकि राहुल गांधी ने कई रैलियों के ज़रिए जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की. बावजूद इसके, महागठबंधन मतदाताओं को खास प्रभावित नहीं कर पाया. ग्रामीण क्षेत्रों में राजद का परंपरागत वोट बैंक कुछ हद तक खिसकता दिखाई दे रहा है.
हालांकि एग्ज़िट पोल्स सिर्फ अनुमान हैं, असली तस्वीर 12 नवंबर को मतगणना के बाद सामने आएगी. लेकिन अगर ये रुझान नतीजों में भी दोहराए गए, तो बिहार में एक बार फिर "नीतीशे सरकार" लौटने जा रही है. वही नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.