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Bihar Assembly Election: बिहार चुनाव से पहले चिराग पासवान के कुनबे में सेंध, 138 नेताओं ने एक साथ छोड़ी पार्टी

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं. सारण जिले में पार्टी के 139 प्रमुख पदाधिकारियों और नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा देकर संगठन में खलबली मचा दी है.

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Edited By: Garima Singh
Bihar Assembly Election: बिहार चुनाव से पहले चिराग पासवान के कुनबे में सेंध, 138 नेताओं ने एक साथ छोड़ी पार्टी
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Bihar Assembly Election: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं. सारण जिले में पार्टी के 139 प्रमुख पदाधिकारियों और नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा देकर संगठन में खलबली मचा दी है. इस्तीफों का मुख्य कारण जमुई सांसद और बिहार प्रभारी अरुण भारती पर लगे अवैध वसूली के गंभीर आरोप बताए जा रहे हैं. इसके अलावा, खगड़िया सांसद राजेश वर्मा के तानाशाही रवैये की भी शिकायतें सामने आई हैं.

इस्तीफा देने वालों में पार्टी के कई बड़े चेहरे शामिल हैं. इनमें पूर्व जिला अध्यक्ष और वर्तमान प्रदेश सचिव दीपक कुमार सिंह, 39 मंडल समिति सदस्य, 16 प्रखंड अध्यक्ष, 30 महिला समिति सदस्य और 40 नगर निकाय समिति सदस्य शामिल हैं. दीपक कुमार सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "संकल्प यात्रा के नाम पर सारण में जबरन वसूली की गई. विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं को अपमानित किया गया." उन्होंने यह भी दावा किया कि चिराग पासवान के जीजा अरुण भारती पार्टी को किसी निजी कंपनी की तरह चला रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है. 

एनडीए में बने रहेंगे नेता 

सारण के नाराज नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अरुण भारती और राजेश वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. दीपक कुमार सिंह ने साफ़ किया कि इस्तीफा देने के बावजूद वे एनडीए गठबंधन के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखेंगे. उन्होंने कहा कि सभी नेता जल्द ही एकजुट होकर भविष्य की रणनीति तय करेंगे. यह कदम पार्टी के लिए आगामी चुनावों में चुनौतियां खड़ी कर सकता है.

खगड़िया में भी उठ चुकी है बगावत की आग

यह पहला मौका नहीं है जब लोजपा (रामविलास) में बगावत की खबरें सामने आई हैं. पिछले महीने खगड़िया जिले में भी 38 नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया था. इनमें पूर्व जिलाध्यक्ष शिवराज यादव, प्रदेश महासचिव रतन पासवान और युवा जिलाध्यक्ष सुजीत पासवान जैसे प्रमुख नाम शामिल थे. वहां भी सांसद राजेश वर्मा के कार्यशैली से नाराजगी को इस्तीफों का मुख्य वजह बताई गई थी.

चिराग पासवान के सामने चुनौती

लोजपा (रामविलास) में लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले यह स्थिति चिराग पासवान के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है.अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चिराग पासवान इस बगावत को नियंत्रित करने और पार्टी को एकजुट रखने के लिए क्या कदम उठाते हैं.