रेडियोएक्टिव पत्थर लिए पकड़े गए 3 लोग, 50 किलो की कीमत 850 करोड़ रुपये, समझिए क्यों है इतना खास
बिहार यूपी बॉर्डर पर सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. यहां 50 ग्राम कीमती रेडियो एक्टिव पदार्थ कैलिफोर्नियम जब्त किया गया है जिसकी कीमत लगभग 850 करोड़ रुपये बताई जा रही है. दरअसल जिस बलथरी चेकपोस्ट पर वाहन की चेकिंग होती वहीं इसे जब्त किया गया है. फिलहाल पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की बारीकी से जांच की जा रही है.
बिहार यूपी बॉर्डर पर बिहार पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. शराब जब्ती के लिए विख्यात बलथरी चेकपोस्ट पर वाहन जांच के दौरान 50 ग्राम कीमती रेडियो एक्टिव पदार्थ कैलिफोर्नियम जब्त किया गया है जिसकी कीमत लगभग 850 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके साथ तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है. जिनसे पूछताछ की जा रही है. एसपी के अनुसार 1 ग्राम कैलीफोर्नियम की कीमत है करीब 17 करोड़. जब्त कैलिफोर्नियम की कीमत करीब 850 आंकी जा रही है. इसका यूज न्यूक्लियर पावर के उत्पादन और ब्रेन कैंसर के इलाज में किया जाता है.
वहीं इस मामले में बिहार एसटीएफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप-7, गोपालगंज डीआईयू और कुचायकोट थाना की संयुक्त कार्रवाई में यह कामयाबी मिली है. सुरक्षाबलों ने वाहन जांच के दौरान एक तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है. उनकी जांच के दौरान 50 ग्राम कैलिफोर्नियम बरामद किया गया जो एक बहुमूल्य रेडियोएक्टिव पदार्थ है. इसके साथ तीन तस्करों को पकड़ा गया है जिनमें से एक यूपी का है जबकि दो लोग गोपालगंज के हैं, दोनों स्थानीय युवक लाइनर की भूमिका में था.
रेडियोएक्टिव पत्थर लिए पकड़े गए 3 लोग
इंटरनेट से मिली जानकारी के आधार पर 1 ग्राम की कीमत करीब 17 करोड़ बताई जा रही है. उसका सैंपल आईआईटी मद्रास जांच के लिए भेजा जा रहा है.
गिरफ्तार तस्कर छोटेलाल प्रसाद उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला के परसौनी गांव थाने का तमकुही राम रहने वाला है.दो लाइनर गोपालगंज का है जिनके नाम चंदन गुप्ता चंदन राम है.
मामले की जांच जारी
खबरों के मुताबिक पुलिस को सारी जानकारी पहले मिल गई थी, उन्होंने एसआईटी, एसओजी, डीआईयू और स्थानीय कुचायकोट थाना की टीम बनाई और गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई यह सफलता मिली है. फिलहाल पुलिस डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी से संपर्क साधने में जुटी है. गोपालगंज एसपी ने एफएसएल की विशेष टीम को भी बुलाया है. ये टीम बरामद पदार्थ की अपनी तकनीक से जांच करेगी.