भारतीय क्रिकेट में एक नया युग शुरू होने जा रहा है, क्योंकि रोहित शर्मा ने मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. उनके संन्यास के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत की टेस्ट टीम का अगला कप्तान कौन होगा? बीसीसीआई की मौजूदा चयन समिति, जिसके अध्यक्ष अजित अगरकर हैं और इसमें सुब्रतो बनर्जी, शिव सुंदर दास, श्रीधरन शरत और अजय रात्रा शामिल हैं, इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुभमन गिल को कप्तानी का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, लेकिन पूर्व चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली समिति का रुख इससे बिल्कुल उलट था. प्रसाद और उनकी टीम ने जसप्रीत बुमराह को कप्तानी के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माना था, जबकि गिल को उप-कप्तानी के लिए भी नहीं चुना गया था.
25 वर्षीय शुभमन गिल ने हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाई है. उन्होंने गुजरात टाइटंस को आईपीएल 2025 में कप्तानी करते हुए नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है. गिल ने पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी की है और वनडे में उप-कप्तान के रूप में भी अपनी छाप छोड़ी है. उनकी युवा उम्र और लंबे समय तक नेतृत्व की संभावना को देखते हुए, बीसीसीआई की वर्तमान चयन समिति उन्हें टेस्ट कप्तानी के लिए प्राथमिकता दे रही है. एक पीटीआई रिपोर्ट के अनुसार, गिल ने हाल ही में दिल्ली में मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ लंबी बैठक की, जिसके बाद उनकी कप्तानी लगभग तय मानी जा रही है.
हालांकि, गिल की टेस्ट बल्लेबाजी का रिकॉर्ड विदेशी पिचों पर अभी मजबूत नहीं है. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका प्रदर्शन औसत रहा, जहां 12 पारियों में उनका औसत केवल 19 रहा और कोई अर्धशतक नहीं बना. पूर्व क्रिकेटर कृस श्रीकांत ने तो यह भी कहा कि गिल का टेस्ट एकादश में स्थान भी पक्का नहीं है, ऐसे में उन्हें कप्तानी सौंपना जोखिम भरा हो सकता है.
जसप्रीत बुमराह के नाम पर चर्चा
दूसरी ओर, जसप्रीत बुमराह को कई दिग्गजों का समर्थन प्राप्त है. 31 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने तीन टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पर्थ में मिली शानदार जीत शामिल है. इस मैच में बुमराह ने 8 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता और अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया. पूर्व चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद, जतिन परांजपे, देवांग गांधी और गगन खोड़ा ने बुमराह को कप्तानी के लिए सबसे उपयुक्त माना था. प्रसाद ने कहा, “बुमराह ने जब भी कप्तानी की है, उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. उनकी फिटनेस को लेकर चिंताएं हैं, लेकिन जब वह फिट हैं, तो वह टेस्ट कप्तानी के लिए आदर्श उम्मीदवार हैं.
सुनील गावस्कर और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों ने भी बुमराह का समर्थन किया है. गावस्कर का मानना है कि बुमराह कप्तान के रूप में अपनी गेंदबाजी का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं, क्योंकि वह अपनी शारीरिक स्थिति को बेहतर समझते हैं. हालांकि, बुमराह की फिटनेस एक बड़ी चिंता है. सिडनी टेस्ट के दौरान उनकी पीठ में चोट ने उनके कप्तानी के दावे को कमजोर किया, क्योंकि चयन समिति एक ऐसे कप्तान की तलाश में है जो पूरे पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेल सके.
अन्य दावेदार
चयन समिति के सामने केएल राहुल और रिषभ पंत जैसे नाम भी हैं. राहुल को पूर्व कोच संजय बांगर और गगन खोड़ा ने समर्थन दिया है, जो मानते हैं कि 33 वर्षीय यह बल्लेबाज विदेशी पिचों पर अच्छा प्रदर्शन करता है और अगले दो साल के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र के लिए उपयुक्त हो सकता है. वहीं, रिषभ पंत को उनके आक्रामक बल्लेबाजी और साहसिक रवैये के लिए उप-कप्तानी का दावेदार माना जा रहा है. इसके अलावा, रविचंद्रन अश्विन ने रवींद्र जडेजा को एक ‘वाइल्डकार्ड’ विकल्प के रूप में सुझाया है, क्योंकि वह टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं.