BCCI में होने वाला है बड़ा फेरबदल! VVS लक्ष्मण को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख हैं. अब उन्हें भारतीय क्रिकेट में और बड़ी भूमिका मिलने की संभावना है.म

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख हैं. अब उन्हें भारतीय क्रिकेट में और बड़ी भूमिका मिलने की संभावना है. सितंबर में बीसीसीआई कुछ बड़े पदों में बदलाव कर सकता है. सूत्रों के मुताबिक, लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद दिया जा सकता है.  इसके साथ ही कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सीनियर सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन अजित अगरकर का कार्यकाल जून 2027 तक बढ़ाया भी जा सकता है. हालांकि, अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों के विकास और हाई-परफॉर्मेंस प्रोग्राम संभाल रहे हैं. यह भूमिका अब और बड़ी हो सकती है. वे सीनियर टीम से भी जुड़े रहे हैं. जरूरत पड़ने पर इन्होंने अंतरिम कोच की जिम्मेदारी भी संभाली. हाल ही में जिम्बाब्वे में युवा भारतीय टीम को टी20 सीरीज में 3-0 से जीत दिलवाई. उस समय गौतम गंभीर और नियमित स्टाफ इंग्लैंड दौरे के बाद आराम पर थे.

डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का क्या मतलब है?

अगर यह पद बनता है तो लक्ष्मण भारतीय क्रिकेट के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ने वाले व्यक्ति बन सकते हैं. उनकी जिम्मेदारी में सीनियर टीम, सिलेक्टर्स, कोच, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और खिलाड़ी विकास के अलग-अलग स्तर शामिल हो सकते हैं. प्रतिभा की पहचान, खिलाड़ियों का विकास और लंबी योजना बनाने में निरंतरता आ सकती है. यह काम उनके मौजूदा CoE के काम का ही विस्तार होगा, जहां वे सीनियर और युवा खिलाड़ियों दोनों के साथ काम कर रहे हैं.


अजित अगरकर का कार्यकाल हो रहा है खत्म:

बता दें कि सितंबर में अजित अगरकर का सिलेक्शन कमेटी चेयरमैन का कार्यकाल खत्म हो रहा है. 2027 के वनडे वर्ल्ड कप से पहले सिलेक्शन व्यवस्था पर नजर है. हाल के नतीजों और कोचिंग सेटअप पर भी सवाल उठ रहे हैं. लक्ष्मण की जिम्बाब्वे में सफल अंतरिम भूमिका ने उनकी भविष्य की भूमिका पर चर्चा बढ़ा दी है. हालांकि, उन्होंने पहले कहा था कि उनका मुख्य फोकस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर ही है.

2024 में जब राहुल द्रविड़ के बाद हेड कोच का पद खाली हुआ तो लक्ष्मण ने हेड कोच बनने के बजाय CoE का काम जारी रखना चुना. तब से वे खिलाड़ी विकास की संरचना में अहम भूमिका निभा रहे हैं. चोटों के सवालों के बीच उन्होंने CoE के मकसद का बचाव भी किया है.