नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 राउंड में अब भारतीय टीम अपने दूसरे मुकाबले के लिए तैयार है. इस अहम मैच में उसका सामना उलटफेर करने की क्षमता रखने वाली जिम्बाब्वे से होगा. भारत के लिए यह मुकाबला करो-या-मरो जैसा माना जा रहा है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका से मिली बड़ी हार ने उसकी सेमीफाइनल की राह मुश्किल बना दी है.
भारतीय टीम को न सिर्फ जीत दर्ज करनी है, बल्कि बड़े अंतर से जीत हासिल कर नेट रन रेट भी सुधारना होगा. ऐसे दबाव भरे मैच में टीम मैनेजमेंट प्लेइंग-11 में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव कर सकता है.
भारत के पूर्व महान कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम संयोजन को लेकर अहम सुझाव दिया है. उनका मानना है कि आगामी मुकाबले में ऑलराउंडर अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन में वापस शामिल किया जाना चाहिए. जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले गावस्कर ने साफ तौर पर कहा कि टीम संतुलन के लिहाज से अक्षर पटेल की वापसी जरूरी है. गावस्कर का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत को बल्लेबाजी में गहराई और गेंदबाजी में विविधता की जरूरत है, जो अक्षर पटेल टीम को दे सकते हैं.
भारतीय टीम की सबसे बड़ी परेशानी इस समय मिडिल ऑर्डर का अस्थिर प्रदर्शन है. ओपनिंग जोड़ी में भी अक्सर केवल एक बल्लेबाज ही बड़ी पारी खेल पा रहा है, जबकि मध्यक्रम टीम की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा. खासतौर पर युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा का प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है. पिछले पांच मुकाबलों में वह कोई प्रभावशाली पारी नहीं खेल सके हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो तिलक ने 5 मैचों में 21 के औसत से सिर्फ 107 रन ही बनाए है. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी उम्मीद से काफी कम रहा.
अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद टीम प्रबंधन पर भी सवाल उठे हैं. मुख्य कोच गौतम गंभीर अब टीम संयोजन में बदलाव कर सकते हैं. यह मुकाबला भारत के लिए ‘करो या मरो’ जैसा है, क्योंकि सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए आगामी दोनों मैच जीतना अनिवार्य है.
रिपोर्ट के अनुसार, तिलक की जगह विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को मौका दिया जा सकता है. संजू अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और अनुभव के कारण मिडिल ऑर्डर में स्थिरता ला सकते हैं. हालांकि, अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा.
टी20 टीम के उपकप्तान अक्षर पटेल को पिछले मैच में बाहर रखा गया था, जिसके बाद चयन रणनीति पर कई सवाल उठे. उनका टीम से बाहर होना कई क्रिकेट विशेषज्ञों को हैरान कर गया. अब जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मुकाबले में कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गंभीर किसी भी तरह की गलती दोहराना नहीं चाहेंगे.
अक्षर पटेल की मौजूदगी से टीम को तीन अहम फायदे मिलते हैं. बाएं हाथ की बल्लेबाजी, किफायती स्पिन गेंदबाजी और फील्डिंग में चुस्ती. उनकी मौजूदगी से निचले क्रम में रन बनाने की क्षमता बढ़ती है, जिससे टीम 180-190 जैसे बड़े स्कोर खड़े करने में सक्षम हो सकती है.
भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. हालांकि, समीकरण थोड़े जटिल बने हुए हैं. अगर साउथ अफ्रीका अपने दोनों मुकाबले जीतती है और भारत भी शेष मैचों में जीत दर्ज करता है, तो स्थिति भारत के पक्ष में जा सकती है. लेकिन इसके लिए टीम को अपने प्रदर्शन में स्पष्ट सुधार दिखाना होगा.
अगला मुकाबला जिम्बाब्वे के खिलाफ है, जिसे भारत हल्के में नहीं ले सकता. टी20 क्रिकेट में कोई भी टीम उलटफेर करने की क्षमता रखती है. ऐसे में टीम संयोजन, रणनीति और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बेहद अहम होगा.
अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, संजू सैमसन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह व अर्शदीप सिंह.