चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम यानी चेपॉक में आज रात भारत और जिम्बाब्वे के बीच मुकाबला होगा. दक्षिण अफ्रीका से 76 रनों की हार के बाद टीम इंडिया के सेमीफाइनल सपने खतरे में हैं। जीत के साथ बड़े अंतर से जीतना जरूरी है. इस मैदान पर रात के मैचों में भारी ओस पड़ती है, जिससे दूसरी पारी में बल्लेबाजी आसान और गेंदबाजी मुश्किल हो जाती है. इसी समस्या से निपटने के लिए स्टेडियम प्रशासन ने अमेरिका से आयातित 'ड्यू क्योर' नामक रसायन का इस्तेमाल शुरू किया है.
'ड्यू क्योर' एक विशेष आयातित केमिकल है, जो मैदान पर ओस को कम करने में मदद करता है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार को इस रसायन का छिड़काव किया गया. आज फिर से छिड़काव होगा ताकि रात के मैच में ओस का असर कम से कम हो. यह कदम मैच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है.
चेपॉक में रात के मैचों में आर्द्रता 80 से 90 फीसदी तक रहती है. दूसरी पारी के बीच में आउटफील्ड फिसलन भरा हो जाता है और गेंद गीली होकर पकड़ खो देती है. स्पिनरों को फायदा मिलने वाली पिच पर ओस आने के बाद गेंद तेजी से स्किड करती है. इससे बल्लेबाजों को फायदा होता है और गेंदबाजों के लिए लंबाई वाली गेंदें भी खतरनाक साबित हो सकती हैं.
ऐसे हालात में टॉस जीतने वाली टीम अक्सर पहले गेंदबाजी चुनती है. पहले बल्लेबाजी करना और फिर गीली गेंद से बचाव करना बहुत मुश्किल हो जाता है. धीमी गेंदें पकड़ नहीं पातीं, यॉर्कर सटीक नहीं लगते. भारत और जिम्बाब्वे दोनों ही अपनी पिछली सुपर-8 हार से उबरना चाहते हैं. भारत को बड़ी जीत चाहिए, जबकि जिम्बाब्वे को भी वापसी के मौके की तलाश है.
भारत को दक्षिण अफ्रीका ने 76 रनों से हराया, जबकि जिम्बाब्वे वेस्टइंडीज से 107 रनों से हारी थी. दोनों टीमें अब करो या मरो के मुकाबले में हैं. भारत को जिम्बाब्वे को हराने के साथ वेस्टइंडीज के खिलाफ भी जीत दर्ज करनी होगी और कुछ अन्य नतीजों पर भी नजर रखनी होगी. आज का मैच दोनों टीमों के लिए निर्णायक साबित होगा.