मुंबई: फिल्म द केरल स्टोरी 2 गोज बियॉन्ड की रिलीज पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. केरला हाई कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी है. यह फैसला सर्टिफिकेशन से जुड़ी कानूनी चुनौती की सुनवाई के दौरान लिया गया. मामले की सुनवाई जस्टिस Bechu Kurian Thomas के सामने चल रही है. अदालत ने CBFC द्वारा जारी सर्टिफिकेट की वैधता पर सवाल उठाने वाली याचिकाओं की समीक्षा की.
फिल्म को लगभग 16 कट के बाद U A 16 प्लस सर्टिफिकेट दिया गया था. इसमें कुछ हिंसक और संवेदनशील सीन कम करने, डायलॉग बदलने और एक लंबा डिस्क्लेमर जोड़ने की शर्तें शामिल थीं. अदालत ने इस बात पर सवाल उठाया कि जब फिल्म की कहानी और उसके संभावित सामाजिक असर को लेकर चिंता जताई जा रही है, तब सख्त क्लासिफिकेशन के बजाय U A 16 प्लस सर्टिफिकेट क्यों दिया गया. बेंच ने यह भी कहा कि अगर किसी राज्य का नाम शीर्षक में इस्तेमाल किया गया है और इससे सामाजिक मतभेद की आशंका पैदा होती है, तो इस पहलू पर गंभीरता से विचार होना चाहिए.
सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की अनुमति दी. हालांकि एक याचिका इसलिए खारिज कर दी गई क्योंकि याचिकाकर्ता अपनी कानूनी स्थिति साबित नहीं कर सके. न्यायिक जांच इस बात पर केंद्रित रही कि क्या सर्टिफिकेशन अथॉरिटी ने अपने अधिकारों का सही उपयोग किया या नहीं. फिल्म के निर्माताओं ने अदालत में दलील दी कि फिल्म केवल केरल तक सीमित नहीं है. उनके अनुसार कहानी तीन राज्यों से जुड़ी है और गोज बियॉन्ड सबटाइटल यह दिखाता है कि कथा व्यापक स्तर की है. मेकर्स के वकील ने यह भी कहा कि राज्य के चित्रण को लेकर उठी आपत्तियों को पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन के जरिए उठाया जाना चाहिए, न कि अलग अलग रिट पिटीशन के माध्यम से.
CBFC ने फिल्म में एक विस्तृत डिस्क्लेमर शामिल करने को कहा था. यह डिस्क्लेमर कई मिनट तक स्क्रीन पर दिखाया जाना अनिवार्य है और इसमें यह उल्लेख है कि फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित है. इसके अलावा प्रोड्यूसर से नाबालिग कलाकारों से जुड़े दस्तावेज और सहमति प्रमाण भी मांगे गए थे.