शेख हसीना के समर्थन में उतरे शाकिब अल हसन, बांग्लादेश लौटने को तैयार; वर्ल्ड कप 2027 अब भी लक्ष्य
बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन देश लौटना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा की गारंटी दे तो वे वापस आकर अपने खिलाफ चल रहे मामलों का सामना करेंगे और वर्ल्ड कप 2027 खेलना चाहते हैं.
बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाकिब अल हसन करीब दो साल से देश से बाहर हैं. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी माने जाने वाले शाकिब पर हत्या और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले चल रहे हैं. इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है और 2027 वर्ल्ड कप को लक्ष्य बनाया है.
सुरक्षा की गारंटी मिली तो देश लौटेंगे शाकिब
शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश लौटने की इच्छा साफ तौर पर जाहिर की है. 39 वर्षीय क्रिकेटर का कहना है कि अगर सरकार उन्हें वापस आने की मंजूरी देती है और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेती है, तो वह खुशी से अपने देश लौटेंगे. शाकिब के मुताबिक वह जल्द से जल्द वापसी करना चाहते हैं. हालांकि, अगर अभी लौटना संभव नहीं हुआ तो दिसंबर में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर सकते हैं. अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी. इसके बाद से शाकिब अमेरिका में रह रहे हैं और फिलहाल श्रीलंका में फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेल रहे हैं.
शेख हसीना से करीबी के कारण मुश्किल में फंसे
शाकिब अल हसन सिर्फ क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं. वह शेख हसीना की अवामी लीग से सांसद रह चुके हैं और पूर्व प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगियों में उनका नाम लिया जाता है. हसीना सरकार के हटने के बाद उनके कई समर्थकों और सहयोगियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए. शाकिब भी इससे अछूते नहीं रहे। उनके मुताबिक फिलहाल दो मामले सक्रिय हैं. इनमें से एक मामला 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी की कथित हत्या से जुड़ा है. वहीं दूसरा मामला भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की ओर से दर्ज किया गया है. शाकिब अब देश लौटकर इन मामलों का सामना करने के लिए तैयार हैं.
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वर्ल्ड कप 2027 पर नजर
इन तमाम मुश्किलों के बीच शाकिब ने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है. उनकी नजर अब भी वनडे वर्ल्ड कप 2027 पर है और वह बांग्लादेश की टीम में वापसी करना चाहते हैं. क्रिकेट के मैदान पर शाकिब लंबे समय से बांग्लादेश के सबसे अहम खिलाड़ियों में रहे हैं. वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में टीम को मजबूत करने की क्षमता रखते हैं. हालांकि, उनकी वापसी सिर्फ क्रिकेट से जुड़ा फैसला नहीं होगी, देश लौटने के बाद उन्हें कानूनी मामलों का भी सामना करना पड़ेगा.