बांग्लादेश वापसी को तैयार शाकिब अल हसन, बोले- 2027 वर्ल्ड कप खेलना अब भी सपना
बांग्लादेश के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने कहा है कि सुरक्षा मिलने पर वह देश लौटकर मुकदमे का सामना करेंगे. उन्होंने फेयरवेल सीरीज खेलने और 2027 वनडे वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के लिए खेलने की इच्छा भी जताई.
करीब दो साल से बांग्लादेश से बाहर रह रहे अनुभवी क्रिकेटर शाकिब अल हसन ने अपनी वापसी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे तो वह देश लौटेंगे, कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे और क्रिकेट करियर को सम्मानजनक तरीके से खत्म करना चाहेंगे.
सुरक्षा मिलने पर लौटने को तैयार शाकिब
बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन ने साफ कहा कि अगर सरकार उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी देती है, तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के देश लौटेंगे. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो मामले दर्ज हैं, उनका सामना करने के लिए भी वह तैयार हैं. शाकिब का कहना है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है और इसलिए उन्हें अदालत की प्रक्रिया से डर नहीं है. उनका मानना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने क्रिकेट करियर का अंत बांग्लादेश की धरती पर फेयरवेल सीरीज खेलकर करना चाहते हैं.
फेयरवेल सीरीज और 2027 वर्ल्ड कप है लक्ष्य
39 साल के शाकिब ने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है. उन्होंने बताया कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा 2027 वनडे वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करने की है. उनका मानना है कि अगर फिटनेस और हालात साथ दें तो वह टीम के लिए अब भी योगदान दे सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने करियर को जल्द खत्म नहीं करना चाहते, बल्कि सही समय पर विदाई लेना चाहते हैं. शाकिब ने बताया कि एक बार वह देश लौटने के लिए फ्लाइट में भी बैठे थे लेकिन बीच रास्ते में ही उन्हें वापस लौटने के लिए कहा गया, जिसके बाद उन्हें अमेरिका लौटना पड़ा.
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राजनीतिक विवाद और कानूनी मामलों पर भी बोले
शाकिब अल हसन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज हत्या और भ्रष्टाचार के मामले बेबुनियाद हैं. उनके मुताबिक, जिस दिन हत्या का मामला दर्ज किया गया, उस समय वह कनाडा में क्रिकेट मैच खेल रहे थे. उन्होंने बताया कि जांच के नाम पर उनके बैंक खाते भी लंबे समय से फ्रीज हैं. शाकिब ने यह भी कहा कि वह पिछले दो साल से अपने माता-पिता से नहीं मिल पाए हैं, क्योंकि वे बांग्लादेश में हैं और हालात ऐसे हैं कि परिवार एक साथ नहीं आ सका. इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द सब कुछ सामान्य होगा और वह अपने देश लौट सकेंगे.