Asia Cup Handshake Controversy: शाहिद अफरीदी की 'नापाक' हरकत, हैंडशेक विवाद में घसीटा हिदू-मुस्लिम कार्ड, राहुल गांधी को लेकर किया ये दावा

एशिया कप 2025 में हाथ मिलाने के विवाद के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने भारत पर तीखा हमला किया और केन्द्र सरकार पर 'हिंदू-मुस्लिम कार्ड' खेलने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने राहुल गांधी की सकारात्मक सोच और संवाद की इच्छा की प्रशंसा की.

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Asia Cup Handshake Controversy: एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बाद पैदा हुए विवाद के बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने केन्द्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. अफरीदी ने आरोप लगाया कि भारत सरकार सत्ता में बने रहने के लिए 'हिंदू-मुस्लिम कार्ड' खेलती है. उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के पाकिस्तान टीम से हाथ नहीं मिलाने के मामले को भी इस राजनीति से जोड़ दिया.

अफरीदी ने पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल पर कहा कि यह सरकार बार-बार धर्म का सहारा लेकर राजनीति करती है और इससे समाज में नफरत फैलती है. उन्होंने इसे बेहद खतरनाक मानसिकता बताते हुए कहा कि जब तक भाजपा सत्ता में है, तब तक इस तरह की राजनीति जारी रहेगी.

राहुल गांधी की तारीफ

दिलचस्प बात यह रही कि भारत पर हमले के साथ अफरीदी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सोच सकारात्मक है और वे सभी देशों और समाज के बीच बातचीत के जरिए रिश्ते सुधारना चाहते हैं. अफरीदी ने दावा किया कि राहुल गांधी की सोच पूरी दुनिया को साथ लेकर चलने वाली है.

खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से किया इनकार

यह बयान ऐसे समय पर आया है जब एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया था. यह घटना रविवार को हुए ग्रुप स्टेज मैच के बाद हुई, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया. पाकिस्तान की मीडिया ने इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया और भारतीय खिलाड़ियों के रवैये को राजनीति से जोड़कर पेश किया.

सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय 

अफरीदी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है. भारतीय प्रशंसकों ने अफरीदी की टिप्पणी को भारत विरोधी करार देते हुए कड़ी आलोचना की, वहीं पाकिस्तान में उनके बयान को समर्थन मिला. क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि मैदान पर हुई इस घटना को खेल भावना के बजाय राजनीतिक नजरिए से देखना दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है.