संजू को प्लेइंग 11 से ड्रॉप करना गंभीर को पड़ा भारी... कोच का एक भी दांव नहीं बचा पाई टीम की इज्जत

टी20 विश्व कप 2026 में भारत की खिताबी जीत के नायक रहे संजू सैमसन को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर तीन छोटी पारियों के बाद टीम से बाहर कर दिया गया. इस फैसले ने चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों को मिलने वाले भरोसे पर नई बहस छेड़ दी है.

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Meenu Singh

विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भारतीय टीम के वो खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने टीम इंडिया को हमेशा मुश्किल वक्त से निकाला है. जब भी टीम मुश्किलों में फंसी संजू ने संकटमोचन बनाकर टीम को उस परिस्थिति से निकाला है. लेकिन मैनेजमेंट उसी बल्लेबाज के साथ हमेशा नाइंसाफी करती है. ऐसा लगता है कि मैनेजमेंट और कोच के लिए संजू को टीम से बाहर करना सबसे आसान है. हर बार की यही कहानी होती है.

इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग में  शामिल करने के लिए उन्हें प्लेइंग से बाहर कर दिया गया. इसके अलावा उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज से भी बाहर कर दिया गया है. लेकिन अब गंभीर का यह फैसला उन पर ही भारी पड़ रहा है क्योंकि जब से सैमसन को बाहर किया गया है तब से टीम इंडिया के सितारे गर्दिश में जा रहे हैं. 

तीन पारियों के बाद बदल गई तस्वीर

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विश्व विजेता संजू सैमसन का आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे  का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. उन्हें तीन पारियों में केवल 12 गेंदें खेलने का मौका मिला, जिनमें वह छह रन ही बना सके. इसके बाद अगले मुकाबले में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला और सैमसन को बेंच पर बिठा दिया गया. इतना ही नहीं बल्कि उन्हें आगामी जिम्बाब्वे सीरीज से भी ड्रॉप कर दिया गया. 


चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

क्रिकेट जगत में चर्चा इस बात की भी है कि जब बाकि बल्लेबाजों को खराब प्रदर्शन के बाद भी खेलने का मौका मिलता है तो संजू सैमसन को क्यों नहीं वो भी तब जब वह इससे पहले भारत को अकेले  अपने दम पर विश्व कप जिता कर ला रहे हों.

संजू को सीमित मौके के बाद बाहर कर दिया गया. कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालिया प्रदर्शन ही चयन का आधार है तो यही मानक सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होना चाहिए. इसी वजह से चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं.

संजू को बाहर करना पड़ा भारी

अब संजू सैमसन को टीम से बाहर करने का हर्जाना पूरी टीम को भरना पड़ रहा है. संजू की गैरमौजूदगी में भारत की बल्लेबाजी में कोई डेप्थ नजर नहीं आ रही है. सलामी बल्लेबाज से लेकर निचले क्रम तक कोई भी बल्लेबाज सूझबूझ के साथ क्रीज पर टिक नहीं पा रहा है.

टी20 के इतिहास में भारतीय टीम की ऐसी हालत कभी नहीं हुई थी जब टीम लगातार 5 में से 4 मैच हारी हो. बता दें बीती शाम भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा.