सचिन तेंदुलकर को याद आया बचपन, Video में बताई रणजी की कहानी
अंतर्राष्ट्रीय मास्टर्स लीग (आईएमएल) टी-20, 2025 में इंडियन मास्टर्स की ओर से खेलते हुए तेंदुलकर और पूरी टीम बुधवार को ऑस्ट्रेलिया मास्टर्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले अभ्यास कर रही थी.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई. उन्होंने 14 साल की उम्र में मुंबई रणजी ट्रॉफी टीम के साथ वडोदरा (पहले बड़ौदा) के मोतीबाग क्रिकेट ग्राउंड का दौरा किया था. 37 साल बाद उन्होंने उसी स्थान का दौरा किया था. चल रहे अंतर्राष्ट्रीय मास्टर्स लीग (आईएमएल) टी-20, 2025 में इंडियन मास्टर्स की ओर से खेलते हुए तेंदुलकर और पूरी टीम बुधवार को ऑस्ट्रेलिया मास्टर्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले अभ्यास कर रही थी.
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में तेंदुलकर ने वडोदरा से जुड़ी अपनी बचपन की यादें और उस स्थान पर खेलने के अपने अनुभव को साझा किया. वीडियो में सचिन ने कहा, आप मेरे पीछे जो मैदान देख रहे हैं, मैं 14 साल की उम्र में मुंबई रणजी टीम के साथ यहां आया था. मैं 14 सदस्यीय टीम का हिस्सा था. यह मोतीबाग (क्रिकेट) मैदान है और यहां (अपनी बाईं ओर इशारा करते हुए) हमारा ड्रेसिंग रूम था. वे सारी यादें अचानक से ताजा हो गई हैं. मुझे अभी भी याद है कि उन्होंने टेंट और सब कुछ लगाया था और मैच देखने के लिए भारी भीड़ आई थी, लेकिन मैं यहां एक अलग कारण से आया हूं.
सचिन का डेब्यू
सचिन ने 11 दिसंबर 1988 को गुजरात के खिलाफ 15 वर्ष और 232 दिन की उम्र में बॉम्बे (अब मुंबई) के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था. अपने घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम में खेलते हुए तेंदुलकर ने नाबाद शतक बनाया और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करते हुए शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए.
आईएमएल टूर्नामेंट
आईएमएल का पहला सीजन तीन शहरों में खेला जा रहा है. टूर्नामेंट की शुरुआत नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में हुई थी, जिसके बाद यह वडोदरा पहुंचा, जहां सभी मैच बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) स्टेडियम (जिसे कोटांबी स्टेडियम के नाम से भी जाना जाता है) में खेले जाएंगे. आखिरी सात मैच, जिनमें तीन नॉकआउट मैच शामिल हैं, रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जाएंगे.