रोहित शर्मा के टेस्ट संन्यास पर दुखी हो गए थे उनके पिता गुरुनाथ शर्मा, हिटमैन ने किया बड़ा खुलासा

Rohit Sharma: भारत के वनडे कप्तान रोहित शर्मा ने खुलासा किया है कि उन्होंने जब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था, तो उनके पिता काफी दुखी हो गए थे.

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Praveen Kumar Mishra

Rohit Sharma: भारतीय वनडे कप्तान और स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने हाल ही में अपने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के फैसले पर अपने पिता गुरुनाथ शर्मा की प्रतिक्रिया का खुलासा किया है. रोहित ने बताया कि उनके पिता टेस्ट क्रिकेट के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और इस फैसले से वह थोड़े निराश हुए थे.

रोहित ने यह बात मुंबई में चेतेश्वर पुजारा की पत्नी पूजा पुजारा की किताब 'द डायरी ऑफ अ क्रिकेटर वाइफ' के लॉन्च के दौरान कही. आइए जानते हैं कि रोहित ने अपने पिता और अपने क्रिकेट करियर के बारे में क्या-क्या बताया.

पिता को है टेस्ट क्रिकेट से प्यार

रोहित शर्मा ने बताया कि उनके पिता गुरुनाथ शर्मा को टेस्ट क्रिकेट बहुत पसंद है. वह अक्सर रोहित के साथ उनके टेस्ट प्रदर्शन पर लंबी बातचीत करते थे. रोहित ने कहा, "मेरे पिता ने मुझे बचपन से ही रेड-बॉल क्रिकेट खेलते देखा है.

उन्हें टेस्ट क्रिकेट का बहुत शौक है. जब मैंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, तो वह थोड़े निराश हुए, लेकिन साथ ही मेरे फैसले से खुश भी थे." रोहित ने यह भी बताया कि उनके पिता को T20 जैसे नए जमाने के क्रिकेट से ज्यादा लगाव नहीं है.

264 रन बनाने पर भी पिता ने दी साधारण प्रतिक्रिया

रोहित ने एक मजेदार किस्सा साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में रिकॉर्ड 264 रन बनाए थे, तब भी उनके पिता खास उत्साहित नहीं हुए. यह स्कोर आज तक वनडे क्रिकेट में किसी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है.

रोहित ने हंसते हुए कहा, "मेरे पिता शुरू से टेस्ट क्रिकेट के दीवाने हैं. जब मैंने 264 रन बनाए, तब उन्होंने बस इतना कहा, 'ठीक है, अच्छा खेला.' उनकी नजर में टेस्ट क्रिकेट की बात ही अलग है."

पिता ने बनाया क्रिकेटर

रोहित ने अपने क्रिकेट करियर में पिता की अहम भूमिका को भी याद किया. उन्होंने बताया कि गुरुनाथ शर्मा ने उनके क्रिकेट सफर को करीब से देखा और हर कदम पर उनका साथ दिया.

रोहित ने कहा, "मैंने स्कूल क्रिकेट से लेकर अंडर-19, रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, इरानी ट्रॉफी और इंडिया A तक का सफर तय किया. मेरे पिता ने इस पूरे सफर को देखा और मुझे भारतीय टीम तक पहुंचते देखा." रोहित ने अपने पिता को अपने क्रिकेट करियर की नींव बनाने का श्रेय दिया.