खुद के टैलेंट के दुश्मन बन रहे पंत? नहीं बदल रहा आउट होने का तरीका, शॉट सेलेक्शन पर उठे सवाल
भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे दिन 9 विकेट पर 460 रन बनाकर मजबूत स्थिति बनाई. देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन बनाए, जबकि ऋषभ पंत 39 रन पर गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हुए.
भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबले के दूसरे दिन बारिश के कारण ढाई घंटे से ज्यादा समय तक खेल रुका रहा. दोबारा खेल शुरू होने पर भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज दिखाया. देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेली और ध्रुव जुरेल ने भी अर्धशतक लगाया. भारत ने दिन का अंत 9 विकेट पर 460 रन के साथ किया. हालांकि, दूसरे दिन जिस चीज की सबसे ज्यादा चर्चा रही वह ऋषभ पंत का विकेट. पंत की बल्लेबाजी एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई.
पंत से थी बड़ी पारी की उम्मीद
बारिश के बाद पिच कुछ हद तक गेंदबाजों का साथ दे रही थी. ऐसे समय में पंत से संयम दिखाकर क्रीज पर टिकने की उम्मीद थी. वह 27 रन से आगे खेलने उतरे, लेकिन ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके. पंत ने 39 रन बनाए और एक ऐसा शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया, जिसने उनकी बल्लेबाजी को लेकर पुरानी बहस फिर शुरू कर दी.
नुवांता ने बिछाया जाल
श्रीलंका के ऑफ स्पिनर केशरा नुवांता के खिलाफ पंत शुरुआत से सहज नजर नहीं आए. गेंदबाज ने एक गेंद को हवा देकर बल्लेबाज को आगे निकलने के लिए उकसाया. पंत ने कदमों का इस्तेमाल करते हुए बड़ा प्रहार करने की कोशिश की, लेकिन बल्ले और गेंद का सही संपर्क नहीं हुआ. मिड ऑफ पर सोनल दिनुषा ने दौड़ लगाकर कैच पूरा किया.
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शॉट सेलेक्शन पर उठे सवाल
पंत के आउट होने के बाद सोशल मीडिया पर उनके शॉट सेलेक्शन की आलोचना हुई हो गई. कुछ फैंस ने उनकी तुलना ऑस्ट्रेलियाई टेनिस खिलाड़ी निक किर्गियोस तक से कर दी. दोनों में प्रतिभा को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया गया, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि क्षमता और स्किल्स होने के बावजूद गलत फैसले प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं. पंत के मामले में भी यही चर्चा फिर तेज हो गई. फैंस का मानना है कि पंत खुद ही अपने टैलेंट के दुश्मन बनते जा रहे हैं. वह बार-बार एक ही तरीके से आउट हो रहे हैं.
गंभीर की सलाह बनी चर्चा
पंत के मौजूदा बल्लेबाजी अंदाज को लेकर मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद गंभीर ने पंत को अपने आक्रामक खेल में थोड़ा नियंत्रण लाने और परिस्थिति के अनुसार जिम्मेदारी दिखाने की सलाह दी थी. अब कुछ फैंस को लगता है कि स्वाभाविक अंदाज में बदलाव की कोशिश पंत के खेल पर मानसिक दबाव डाल रही है.
भारत ने बनाए 460 रन
पंत की नाकामी के बावजूद भारत ने दिन को अपने पक्ष में रखा. पडिक्कल की 167 रन की पारी और जुरेल के अर्धशतक ने टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया. श्रीलंका के गेंदबाजों ने दूसरे दिन सात विकेट हासिल किए, लेकिन भारतीय टीम 9 विकेट पर 460 रन बनाने में सफल रही. अब मुकाबले में भारत की स्थिति मजबूत है और आगे गेंदबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी.