बिहार में बना रणजी ट्रॉफी का मजाक, एक स्टेट की दो टीमें मैदान में उतरी, जमकर हुआ बवाल

Ranji Trophy: बिहार में रणजी ट्रॉफी का मजाक बन गया. राजधानी पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम में मुंबई के खिलाफ बिहार मैच खेल रहा है.

Gyanendra Sharma

Ranji Trophy: बिहार में रणजी ट्रॉफी का मजाक बन गया. राजधानी पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम में मुंबई के खिलाफ बिहार मैच खेल रहा है. बरसों बाद कोई रणजी का मैच पटना में खेला जा रहा था, लेकिन इस मैच में भी वहीं हुआ जिसका डर था. मुंबई का सामना करने के लिए बिहार ने एक नहीं बल्कि दो टीम चुन ली थी. मतलब एक ही स्टेट की 2 प्लेइंग XI.

बिहार की दो रणजी टीम

दोनों टीमों ने असली होने का दावा किया. बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के दो गुटों के बीच की लड़ाई मैदान तक पहुंच गई, खेल की शुरुआत में अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और मामूली झड़प हुई. आख़िरकार, स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप के कारण बिहार-मुंबई सीज़न-ओपनर सुबह लगभग 11 बजे शुरू हो सका.

अध्यक्ष की अगल टीम, सेक्रेटरी की अलग टीम

दरअसल, ये पूरी लड़ाई दो टीमों को लेकर थी. एक वो टीम थी जिसे बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने चुना था और दूसरी टीम को एसोसिएशन के सेक्रेटरी अमित कुमार ने चुनी थी. सुबह-सुबह मैदान पर पहुंची दो टीमों में से बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी द्वारा चुनी गई टीम ने खेल खेला. दूसरी टीम, जिस पर सचिव अमित कुमार का आशीर्वाद था उसे खेलने का मौका नहीं मिला. दोनों टीमों में एक भी क्रिकेटर का नाम नहीं रखा गया. 

राकेश तिवारी के दावे

अध्यक्ष राकेश तिवारी ने कहा कि हमने योग्यता के आधार पर टीम चुनी है और वह सही टीम है. आप देखिए बिहार से जो प्रतिभा आ रही है. हमारे पास एक क्रिकेटर (साकिब हुसैन) है, जिसे आईपीएल में चुना गया है. हमारे पास एक 12-वर्षीय प्रतिभाशाली खिलाड़ी है जो खेल में पदार्पण कर रहा है. दूसरे टीम को सचिव द्वारा चुना जा रहा है जो निलंबित है, इसलिए यह असली टीम नहीं हो सकती है. 

सचिव अमित कुमार का दावा

सचिव अमित ने तिवारी के निलंबन के दावों को चुनौती दी. उन्होंने कहा कि सबसे पहली बात मैंने चुनाव जीता और मैं बीसीए का आधिकारिक सचिव हूं. आप किसी सचिव को निलंबित नहीं कर सकते. दूसरे, कोई अध्यक्ष किसी टीम का चयन कैसे कर सकता है? क्या आपने कभी बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी को टीम की घोषणा करते देखा है? आप हमेशा सचिव जय शाह के हस्ताक्षर देखेंगे. उन्होंने माना कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में जो भ्रष्टाचार चरम पर है. ये इकलौता ऐसा क्रिकेट एसोसिएशन है जहां सेक्रेटरी के पास कोई पावर ही नहीं है.

बिहार का सामना 41 बार की रणजी चैंपियन मुंबई से हो रहा है. बिहार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी. पहले दिन का खेल खत्म होने तक मुंबई ने 9 विकेट पर 235 रन बना लिए. मैच सोमवार 8 जनवरी तक चलेगा.

बिहार की दोनों टीमें 

अध्यक्ष पक्ष: आशुतोष अमन (कप्तान), साकिबुल गनी (उपकप्तान), विपिन सौरभ (विकेटकीपर), बाबुल कुमार, सचिन कुमार सिंह, वैभव सूर्यवंशी, हिमांशु सिंह, रवि शंकर, रिषभ राज, नवाज खान, विपुल कृष्णा, आकाश राज, बलजीत सिंह बिहारी, सरमन निगरोध, वीर प्रताप सिंह.

सचिव पक्ष: इंद्रजीत कुमार (कप्तान), अपूर्व आनंद (उपकप्तान), विकाश रंजन (विकेटकीपर), शशीम राठौड़, समर कुदारी, कुमार मृदुल, कुमार रजनीश, शशि आनंद, लाखन राजा, यशस्वी ऋषभ, प्रतीक कुमार, विक्रांत सिंह, हिमांशु हरि, शशि शेखर, वेदांत यादव, अभिनव कुमार, कमलेश कुमार सिंह, विश्वजीत गोपाला, प्रशांत श्रीवास्तव, दीपक राजा.