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Paris Olympics 2024 की ऐतिहासिक तस्वीर, 0.005 सेकंड से पलट गई बाजी, इसे ही कहते हैं 'रियल ओलंपिक'

Paris Olympics 2024: ओलंपिक गेम्स में सबसे बेस्ट खिलाड़ियों के बीच जंग होती है. यहां बाजी मारना आसान नहीं. एक सेकेंड के कम अंतर में भी बाजी पलट जाती है. इसलिए इन्हें ओलंपिक गेम्स कहा जाता है. 6 अगस्त को पेरिस में कुछ ऐसा ही हुआ, जिसे देख दुनिया हैरान है. सभी चौंक रहे हैं. क्रिकेट फैंस ने इससे पहले शायद इतिहास में ऐसा नजारा नहीं देखा होगा. जानिए क्या है पूरा मामला...

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Bhoopendra Rai

Paris Olympics 2024: ओलंपिक गेम्स को खेलों का महाकुंभ कहा जाता है. यहां मेडल जीतना मतलब दुनिया को जीत लेना. यही वजह है कि यहां झंडे गाड़ने वाले एथलीट्स को सभी सलाम करते हैं, क्योंकि इसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और सालों की तपस्या होती है. ये कहना बेहद आसान है कि ओलंपिक में मेडल जीतो, लेकिन इसे साबित कर दिखाना किसी भी एथलीट के लिए बेहद टफ होता है, क्योंकि उसे क्षमता से ज्यादा दम लगाना पड़ता है. सब कुछ झोंकना पड़ता है, तब कहीं जाकर मेडल आता है.

दरअसल, ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर मेडल के लिए टफ फाइट, जहां माइक्रो सेकेंड से कम समय में भी बाजी पलटती है, क्योंकि यहां पूरी दुनिया के टॉप टैलेंट मैदान में होता है, जिसमें बाजी मारना अपने आप में खास. 5 अगस्त को 100 मीटर रेस में कुछ ऐसा ही हुआ, जिसमें अमेरिका के नोआ लाइल्स दुनिया के सबसे तेज धावक बन गए हैं. उन्होंने 9.784 सेकंड में रेस पूरी की और गोल्ड पर कब्जा किया.



0.005 सेकंड के अंतर से हुआ नंबर 1 का फैसला

100 मीटर रेस वाले इस मुकाबले की चर्चा इसलिए है, क्योंकि विनर का फैसला 0.005 सेकंड के अंतर से हुआ. नोआ लाइल्स ने 9.784 सेकंड में रेस पूरी की. वहीं दूसरे नंबर पर रहे थॉम्पसन ने 9.789 का समय लिया. इन दोनों दोनों धावकों के बीच महज 0.005 सेकंड का अंतर रहा, जिससे यह मुकाबला ओलंपिक इतिहास में यादगार बन गया और सबसे करीबी मैचों में से एक बना. इस मैच के बाद जो तस्वीर सामने आई है वो बेहद दिलचस्प है. ये तस्वीर बताती है कि माइक्रो सेकंड में कैसे बाजी पलटती है.



पुरुषों की 100 मीटर फाइनल का रिजल्ट
गोल्ड- नोआ लाइल्स (यूएसए) - 9.784s
सिल्वर- किशन थॉम्पसन (जमैका) - 9.789s
ब्रॉन्ज-  फ्रेड केर्ली (यूएसए) - 9.810s