'कॉपी कैट बना पाकिस्तान...', बाबर आजम ने की रोहित शर्मा के ट्रॉफी पोज की नकल
पाकिस्तान क्रिकेट के स्टार खिलाड़ी बाबर आजम एक बार फिर से ट्रोलर्स के निशाने पर हैं. बाबज आजम की कप्तानी वाली टीम पेशावर जल्मी ने पीएसएल 2026 का खिताब अपने नाम किया. लेकिन अब वह ट्रॉफी जीतने के बाद रोहित शर्मा के पोज को नकल करने के लिए ट्रोल किए जा रहे हैं.
नई दिल्ली: आज पाकिस्तान सुपर लीग का फाइनल मुकाबला खेला गया जिसमें बाबर आजम की कप्तानी वाली पेशावर जल्मी ने पीएसएल का खिताब अपने नाम कर लिया है. लेकिन इसी बीच एक बार फिर से पाकिस्तान ट्रोल हो रहा है. अब पेशावर जल्मी की जीत से ज्यादा कप्तान के ट्रॉफी सेलिब्रेशन एक्शन की चर्चा हो रही है. उनका यह वीडियो सोशल मीडिया जमकर वायरल हो रहा है जिसमें उन्हें लोग कॉपी कैट कह रहे हैं.
फाइनल के बाद वायरल हुए एक वीडियो में बाबर आजम ट्रॉफी के साथ जश्न मनाते दिखे. इस दौरान उनका पोज देखकर कई लोगों को रोहित शर्मा की याद आ गई. लोगों का कहना है कि बाबर ने यहां भी कुछ नया नहीं किया यहां भी उन्होंने भारत को कॉपी किया है.
रोहित शर्मा को किया कॉपी
पाकिस्तान को हमेशा ही अपनी किसी न किसी हरकत के कारण ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है. लेकिन इस पाक खिलाड़ी ने हद कर दी. वह हर चीज में भारत को कॉपी तो करते ही हैं लेकिन उन्होंने अब भारत के सेलिब्रेशन को भी कॉपी कर लिया है.
लोगों को बाबर आजम के सेलिब्रेशन देखकर रोहित शर्मा का वो मशहूर जश्न याद आ गया, जो उन्होंने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद किया था. बस फिर क्या था, दोनों के अंदाज की तुलना शुरू हो गई और वीडियो तेजी से वायरल हो गया.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो सामने आते ही यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं. कुछ लोगों ने इसे सीधी नकल बताते हुए बाबर को ट्रोल करना शुरू कर दिया, जबकि कुछ ने इसे महज इत्तेफाक बताया है. कई कमेंट्स में मजाकिया अंदाज में लिखा गया कि क्रिकेट में अब जश्न भी 'कॉपी' होने लगे हैं.
मीम्स की आई बाढ़
इस विवाद ने सोशल मीडिया को पूरी तरह मीम्स से भर दिया. कुछ ही घंटों में मीम्स, एडिटेड वाले वीडियो पोस्ट वायरल हो गए. हर प्लेटफॉर्म पर इसी चर्चा का माहौल बन गया, जहां लोग अपनी-अपनी राय रखते नजर आए.
फैंस के दो अलग नजरिए
जहां एक वर्ग बाबर के जश्न को रोहित शर्मा से प्रेरित मान रहा है, तो वहीं दूसरा वर्ग इसे बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला बता रहा है. उनके अनुसार, खेल के दौरान ऐसे जश्न कई बार अनजाने में एक जैसे हो जाते हैं और इसे विवाद का रूप देना सही नहीं है.