एशिया कप ट्रॉफी चुराने वाले मोहसिन नकवी की आलोचना करने पर पूर्व पाक कप्तान को होगी जेल! यहां जानें पूरा बवाल
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी की आलोचना करना पाकिस्तान के पूर्व कप्तान को भारी पड़ गया है. नकवी के खिलाफ बोलने पर पूर्व खिलाड़ी पर जांच शुरु कर दी गई है.
नई दिल्ली: पाकिस्तान में क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी की आलोचना करना पूर्व कप्तान राशिद लतीफ को बहुत महंगा पड़ गया है. उनकी एक टिप्पणी के बाद साइबर क्राइम एजेंसी ने जांच शुरू कर दी है और अब उन्हें जेल जाने का खतरा मंडरा रहा है.
बता दें कि मोहसिन नकवी के पीसीबी चेयरमैन बनने के बाद भी टीम के प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं हुआ है. पाकिस्तानी टीम के कप्तान को लगातार बदला जा रहा है. ऐसे में कई पूर्व खिलाड़ी जमकर आलोचना कर रहे हैं.
राशिद लतीफ ने क्या दिया था बयान?
राशिद लतीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कप्तानी बदलने की नीति पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने शाहीन शाह अफरीदी को वनडे कप्तान बनाने के फैसले पर लिखा था “शाहीन शाह अफरीदी को वनडे कप्तान बनाया गया. ये ‘बांटो और राज करो’ की नीति है, जो राजनीति में इस्तेमाल होती है.”
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इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान दुनिया का इकलौता देश है जो एक अच्छा कप्तान तक नहीं पैदा कर सकता. उनकी ये टिप्पणियां PCB और चेयरमैन मोहसिन नकवी को बिल्कुल पसंद नहीं आईं.
PCB ने दर्ज कराई शिकायत
राशिद लतीफ की इन बातों से नाराज होकर PCB के सीनियर लीगल मैनेजर सैयद अली नकवी ने उनके खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी.
दो शहरों में पूछताछ अब जेल की आशंका
NCCIA के प्रवक्ता नजीबुल्लाह हसन ने बताया कि राशिद लतीफ से इस्लामाबाद और लाहौर में दो अलग-अलग जांचों के सिलसिले में बयान दर्ज किया जा चुका है. जांच अभी जारी है और अगर दोषी पाए गए तो उन्हें जेल भी हो सकती है.
वसीम अकरम पर भी मंडरा रहा खतरा
इसी तरह का एक और मामला पूर्व कप्तान वसीम अकरम के खिलाफ भी चल रहा है. उन पर एक सट्टेबाजी ऐप को प्रमोट करने का आरोप लगा है. उनके खिलाफ भी आवेदन दिया गया है. हालांकि, अभी तक नोटिस नहीं भेजा गया है.
पाकिस्तान क्रिकेट में बढ़ता तनाव
पाकिस्तान क्रिकेट में पिछले कुछ समय से लगातार विवाद चल रहे हैं. कप्तानी बदलने से लेकर बोर्ड के फैसलों तक पूर्व खिलाड़ी खुलकर बोल रहे हैं लेकिन अब लगता है कि बोर्ड ऐसी आलोचनाओं को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है.