कौन है पाकिस्तान का वो पूर्व कोच जिसने टीम इंडिया का कोच बनने पर दिया बड़ा बयान? फैंस बोले- 'तौबा-तौबा'!
पाकिस्तान के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने सोशल मीडिया पोस्ट का रिप्लाई देते हुए तहलका मचा दिया. उन्होंने भारत के हेड कोच के तौर पर गौतम गंभीर की जगह लेने साफ शब्दों में 'NO' कह दिया.
नई दिल्लीः पाकिस्तान के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने सोशल मीडिया पोस्ट का रिप्लाई देते हुए तहलका मचा दिया. उन्होंने भारत के हेड कोच के तौर पर गौतम गंभीर की जगह लेने साफ शब्दों में 'NO' कह दिया. गिलेस्पी ने सोशल मीडिया पर साफ जवाब दिया कि उन्हें इस रोल में कोई दिलचस्पी नहीं है. इसके बाद क्रिकेट जगत में इस जवाब को लेकर खूब बातें चल रही है.
सिर्फ सात महीने बाद इस्तीफा दे दिया
गिलेस्पी का ICC के पूर्ण सदस्य देश के साथ अपने पहले अंतरराष्ट्रीय कोचिंग जॉब में अनुभव मुश्किल रहा. उन्हें 2024 में पाकिस्तान पुरुष टीम का कोच नियुक्त किया गया था, लेकिन उनका बाहर निकलना नवंबर 2024 में हुआ, जिसके बाद आकिब जावेद ने यह भूमिका संभाली. गिलेस्पी ने पाकिस्तान के साथ अपने समय और अपने इस्तीफे के पीछे के कारणों के बारे में खुलकर बात भी की है.
गोतम गंभीर पर बन रहा है दबाव
हाल ही में, खराब नतीजों के बाद भारत के टेस्ट कोच के तौर पर गौतम गंभीर पर दबाव रहा है, जिसमें न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका से घर पर भारी हार भी शामिल है. वहीं कुछ समय पहले BCCI की ओर से वीवीएस लक्ष्मण को भी हेड कोच बनाने की अटकले चह रही थी. लक्ष्मण ने भी हेड कोच बनने से साफ इनकार कर दिया था.
यूजर ने पूछा सवाल
'X' पर एक यूजर ने सीधे गिलेस्पी से पूछा कि क्या वह भारत को कोचिंग देने पर विचार करेंगे. यूजर ने लिखा, "जेसन आपको अब भारत को कोचिंग देने की जरूरत है, क्योंकि वे हार रहे हैं, सिर्फ हार ही नहीं रहे बल्कि घर पर दो बार व्हाइट वॉश हो रहे हैं. उन्हें आपकी सच में जरूरत है."गिलेस्पी ने जवाब देने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई. उन्होंने सिर्फ दो शब्दों में जवाब दिया: "नहीं धन्यवाद."
गिलेस्पी रेड-बॉल कोच के तौर पर सम्मानित
पाकिस्तान में चुनौतियों का सामना करने के बाद, वह उपमहाद्वीप में एक और हाई-प्रोफाइल भूमिका लेने के बारे में सतर्क हो सकते हैं, खासकर ऐसे माहौल में जिससे वह पूरी तरह से परिचित नहीं हैं. भारत की भूमिका ठुकराने के बावजूद, गिलेस्पी एक रेड-बॉल कोच के तौर पर बहुत सम्मानित हैं. काउंटी क्रिकेट में यॉर्कशायर और ससेक्स के साथ उनके सफल कार्यकाल ने उन्हें डिमांड में बनाए रखा है.