BCCI के आगे झुके मोहसिन नकवी! ACC की मीटिंग में टीम इंडिया को देनी पड़ी जीत की बधाई
Mohsin Naqvi ACC Meeting: एशिया कप 2025 का खिताब भले ही भारतीय टीम ने अपने नाम कर लिया है लेकिन ट्रॉफी न मिलने की वजह से लगातार विवाद सामने आ रहे हैं. इसी कड़ी में मोहसिन नकवी का एक और ड्रामा सामने आया है.
Mohsin Naqvi ACC Meeting: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपनी ताकत का एक बार फिर लोहा मनवाया. मंगलवार को दुबई में हुई एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की मीटिंग में BCCI ने ACC चेयरमैन मोहसिन नकवी को भारत की जीत की बधाई देने के लिए मजबूर कर दिया. यह घटना 2025 एशिया कप फाइनल के बाद हुई, जहां भारत ने शानदार प्रदर्शन कर खिताब अपने नाम किया था.
दुबई में खेले गए 2025 एशिया कप फाइनल में सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर खिताब जीता. लेकिन मैच के बाद ट्रॉफी समारोह में विवाद खड़ा हो गया. ACC चेयरमैन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी ने ट्रॉफी देने की जिद की, जबकि भारतीय टीम ने साफ कर दिया कि वे नकवी के हाथों ट्रॉफी नहीं लेगी. भारत ने सुझाव दिया कि ट्रॉफी कोई और व्यक्ति, जैसे एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष खालिद अल जरूनी या बांग्लादेश के अमिनुल इस्लाम दे सकते हैं लेकिन नकवी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.
BCCI ने दिखाई ताकत
सीएनएन न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक ACC की मीटिंग में BCCI ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया. BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और पूर्व कोषाध्यक्ष आशीष शेलार ने भारत का पक्ष मजबूती से रखा. दोनों ACC बोर्ड के सदस्य हैं. मीटिंग में BCCI ने मांग की कि नकवी तुरंत एशिया कप ट्रॉफी को ACC के दुबई मुख्यालय में जमा करें. साथ ही BCCI ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो वे इस मुद्दे को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की बैठक में उठाएंगे, जो नवंबर में होनी है.
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आशीष शेलार ने विरोध जताते हुए मीटिंग का बीच में ही बहिष्कार कर दिया. BCCI ने साफ कर दिया कि नकवी ने ट्रॉफी को अपने "निजी कब्जे" में ले लिया, जो पूरी तरह से गलत है. इस दबाव के आगे नकवी को झुकना पड़ा और उन्हें भारत को जीत की बधाई देनी पड़ी.
नकवी अब क्या करेंगे?
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक नकवी अब भारत को ट्रॉफी और मेडल्स देने के लिए तैयार हैं लेकिन वे इसके लिए एक "आधिकारिक समारोह" चाहते हैं. हालांकि, BCCI का रुख सख्त है. वे चाहते हैं कि ट्रॉफी बिना किसी देरी के ACC मुख्यालय में जमा की जाए.