मीराबाई चानू ने रचा इतिहास! एशियन गेम्स में जीता सिल्वर, खत्म हुआ 16 साल का इंतजार
भारत की मीराबाई चानू ने Asian Games 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. यह Asian Games में उनका पहला पदक है.
भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने आखिरकार अपने करियर का वह पदक भी हासिल कर लिया, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था. 2026 एशियन गेम्स में चानू ने महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. उनकी इस जीत के साथ एशियन गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टिंग का 28 साल लंबा पदक सूखा भी खत्म हो गया.
नागोया में बुधवार को हुए मुकाबले में 32 साल की मीराबाई चानू ने कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया. उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का वजन उठाया. इस प्रदर्शन के साथ वह दूसरे स्थान पर रहीं. उत्तर कोरिया की री सॉन्ग गम ने 213 किलोग्राम के कुल वजन के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंडोनेशिया की विजायाना लुलुक डायनी ट्राई ने 191 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.
28 साल बाद भारत को मिला वेटलिफ्टिंग मेडल
मीराबाई की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्स में भारत को वेटलिफ्टिंग का पिछला पदक 1998 में मिला था. बैंकॉक एशियन गेम्स में कर्णम मल्लेश्वरी ने सिल्वर मेडल जीता था. उसके बाद से भारतीय वेटलिफ्टर एशियन गेम्स के पोडियम तक नहीं पहुंच सके थे. चानू की सिल्वर जीत ने इस लंबे इंतजार को खत्म कर दिया.
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करियर का अधूरा सपना हुआ पूरा
मीराबाई चानू के शानदार करियर में अब तक कई बड़ी उपलब्धियां शामिल रही हैं. वह ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं, वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीन गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं. लेकिन एशियन गेम्स का पदक उनकी उपलब्धियों की सूची में अब तक नहीं था. सिल्वर जीतने के साथ उन्होंने यह कमी भी पूरी कर ली है.
एशियन गेम्स में चानू का सफर भी आसान नहीं रहा. 2014 में उन्होंने अपने डेब्यू पर नौवां स्थान हासिल किया था. 2018 में चोट के कारण वह प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकीं. 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में वह पदक के बेहद करीब पहुंचकर चौथे स्थान पर रही थीं. उस मुकाबले में चोट ने भी उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया था.
हर बार वापसी की नई कहानी लिखी
मीराबाई चानू के करियर में असफलताओं के बाद वापसी की कई कहानियां रही हैं. रियो ओलंपिक में वह कोई वैध लिफ्ट दर्ज नहीं कर सकी थीं, लेकिन पांच साल बाद टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर शानदार वापसी की. अब एशियन गेम्स में भी उन्होंने पिछले अनुभवों को पीछे छोड़ते हुए पोडियम पर जगह बनाई है. इस सिल्वर के साथ मीराबाई चानू ने न सिर्फ अपने करियर का एक और बड़ा लक्ष्य हासिल किया, बल्कि भारतीय वेटलिफ्टिंग को भी 28 साल बाद एशियन गेम्स का पदक दिलाया.