Paris Olympic: ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सरबजोत सिंह ने ठुकरा दी सरकारी नौकरी, जानें क्यों?
Paris Olympics, Sarabjot Singh:हरियाणाा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सरबजोत सिंह को खेल विभाग में डिप्टी डायरेक्टर की नौकरी देने का वादा किया था. इस ऑफर को सरबजोत ने ठुकरा दिया है. वो अभी शूटिंग पर ही फोकस करना चाहते हैं. उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि वो अपने फैसले के खिलाफ नहीं जा सकते.
Paris Olympics, Sarabjot Singh: पेरिस ओलंपिक 2024 में देश को ब्रॉन्ज दिलाने वाले शूटर सरबजोत सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. उन्होंने हरियाणा सरकार की तरफ से ऑफर की गई सरकारी नौकरी को ठुकहरा दिया है. पेरिस ओलिंपिक में मनु भाकर के साथ मिलकर 10 मीटर के मिक्स पिस्टल शूटिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले सरबजोत ने ऐसा क्यों किया, इसके पीछे की वजह भी बताई है.
हरियाणा में अंबाला के रहने वाले शूटर सरबजोत सिंह ने कहा- डिप्टी डायरेक्टर की नौकरी अच्छी है, लेकिन मैं करूंगा नहीं. मैं शूटिंग पर फोकस करूंगा. फैमिली भी अच्छी जॉब के लिए कह रही है, लेकिन मैं चाहता हूं कि शूटिंग करूं. उन्होंने आगे कहा- जॉब ऑफर को एक्स्पेप्ट करने वाली बात नहीं है, मैं अपने फैसलों के खिलाफ नहीं जा सकता.
गोल्ड जीतना चाहते हैं सरबजोत सिंह
पेरिस ओलंपिक 2024 से लौटने के बाद सरबजोत सिंह ने कहा था कि 'इस बार मेडल लाने में जो कमी रह गई है, उसे दूर करूंगा और अगली बार मेडल का रंग बदलना चाहूंगा. मेरा अगला टारगेट 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स (LA) में होने वाले ओलंपिक है, जिसमें मेडल का कलर भी बदलेगा.'
कौन हैं सरबजोत सिंह
सरबजोत सिंह अंबाला से आते हैं. उनका जन्म 30 सितंबर 2001 को हुआ. वो अंबाला के मुलाना के अंतर्गत आने वाले धीन गांव के रहने वाले हैं. पिता जतिंदर सिंह किसान हैं. मां हरदीप कौर गृहिणी हैं. सरबजोत चंडीगढ़ के सेक्टर 10 स्थित DAV कॉलेज के छात्र हैं. उन्होंने स्कूल टाइम से ही शूटिंग करना शुरू कर दिया था. वो सेंट्रल फीनिक्स क्लब में अंबाला कैंट स्थित एआर शूटिंग एकेडमी के कोच अभिषेक राणा के अंडर ट्रेनिंग लेते हैं.