IND vs AFG: अफगानिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी बाहर, जानें किस खिलाड़ी पर टीम मैनेजमेंट ने फिर जताया भरोसा
भारत-अफगानिस्तान पहले टी20 में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली. कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम प्रबंधन ने संजू सैमसन-अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी पर भरोसा जताया.
Vaibhav Suryavanshi Dropped from XI : दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत-अफगानिस्तान मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी की थी. हालांकि टॉस के समय कप्तान श्रेयस अय्यर ने साफ किया कि वैभव नहीं खेल रहे हैं. उनकी जगह अनुभवी संजू सैमसन को अभिषेक शर्मा के साथ पारी शुरू करने की जिम्मेदारी मिली है.
नेट्स में कम समय और बदला टीम कॉम्बिनेशन
दलीप ट्रॉफी फाइनल के बाद वैभव को भारतीय टीम के साथ तैयारी के लिए सिर्फ दो दिन मिले. पहले नेट सेशन में उन्हें जसप्रीत बुमराह की तेज गेंदबाजी का सामना करना पड़ा. दूसरी ओर, संजू और अभिषेक ने साथ में काफी अभ्यास किया. टीम प्रबंधन ने एशियाई खेलों से पहले इस जोड़ी के तालमेल को प्राथमिकता दी. वैभव और संजू के बीच ओपनिंग स्थान को लेकर पहले भी बदलाव होते रहे हैं. यूके दौरे में संजू शुरुआती तीन मैचों में सफल नहीं रहे तो वैभव को मौका मिला. युवा बल्लेबाज ने इंग्लैंड में डेब्यू किया और तीन मुकाबले खेले लेकिन बड़ी पारी नहीं बना सके. आखिरी मैच में संजू की वापसी हुई.
जिम्बाब्वे से दलीप ट्रॉफी तक बदली तस्वीर
जिम्बाब्वे दौरे के लिए संजू को टीम से बाहर किया गया था. उस समय उन्हें आराम दिए जाने और खराब फॉर्म के कारण बाहर किए जाने, दोनों तरह की खबरें सामने आईं. हालांकि एशियाई खेलों की टीम में उनकी जगह बनी रही. दूसरी तरफ वैभव ने दलीप ट्रॉफी में 3 मैचों की 6 पारियों में 32 की औसत से 192 रन बनाए. उनके खाते में एक अर्धशतक भी रहा. इस प्रदर्शन के बाद उनकी दावेदारी मजबूत हुई, लेकिन टीम प्रबंधन ने इस मुकाबले में अनुभव को तरजीह दी.
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भारत की प्लेइंग XI में इन खिलाड़ियों को मौका
पहले टी20 में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ओपनिंग करेंगे. ईशान किशन विकेटकीपर के रूप में टीम में हैं. वहीं श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा मध्यक्रम संभालेंगे. ऑलराउंडर के तौर पर अक्षर पटेल, नितीश रेड्डी और शिवम दुबे टीम को बल्लेबाजी की अतिरिक्त गहराई देंगे. गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जिम्मेदारी संभालेंगे. एशियाई खेलों से पहले यह भारत की आखिरी द्विपक्षीय सीरीज है, इसलिए टीम ने नए प्रयोग की जगह अपने भरोसेमंद संयोजन को मैदान पर उतारा है.