शुभमन गिल की कप्तानी पर सवाल उठाने वालों को गौतम गंभीर ने दिया करारा जवाब, बोले- 'एक 24-25 साल के...'

Gautam Gambhir on Shubman Gill Captaincy: टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को टेस्ट कप्तान बनाए जाने के बाद उन्हें आलोचना का शिकार होना पड़ा था. हालांकि, अब हेड कोच गौतम गंभीर ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है.

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Praveen Kumar Mishra

Gautam Gambhir on Shubman Gill Captaincy: भारतीय क्रिकेट में कप्तान और कोच की जोड़ियां हमेशा चर्चा में रहती हैं. विराट कोहली और रवि शास्त्री, रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ की तरह अब शुभमन गिल और गौतम गंभीर की जोड़ी भी इतिहास में अपनी जगह बना रही है. जब शुभमन गिल ने इस साल रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद टेस्ट टीम की कमान संभाली, तो कई सवाल उठे. 

26 साल के इस युवा खिलाड़ी के सामने इंग्लैंड में इंग्लैंड को हराने की कठिन चुनौती थी. लेकिन गिल ने न सिर्फ बल्ले से कमाल दिखाया बल्कि अपनी कप्तानी से भी सबको प्रभावित किया. पांच टेस्ट मैचों में 754 रन बनाकर उन्होंने भारत को 2-2 की बराबरी पर सीरीज खत्म करने में मदद की.

गौतम गंभीर का शुभमन गिल को समर्थन

टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने गिल की आलोचना करने वालों को आड़े हाथों लिया. स्टार स्पोर्ट्स को दिए एक इंटरव्यू में गंभीर ने कहा, “गिल के खिलाफ जो बातें कही गईं, वो बहुत गलत थीं. एक 24-25 साल के युवा से आप क्या उम्मीद करते हैं? कि उसका औसत 50 से ज्यादा हो और उसने हर जगह रन बनाए हों? यह सब समय के साथ होगा.” 

गंभीर ने गिल की तारीफ करते हुए कहा, “मुझे कभी आश्चर्य नहीं हुआ कि गिल ने 750 रन बनाए. मुझे खुशी इस बात की थी कि उन्होंने जिस तरह टीम की अगुवाई की, वह काबिलेतारीफ थी. दबाव के पलों में भी गिल ने अपने चेहरे पर न तो हताशा दिखाई और न ही तनाव. वे हमेशा मुस्कुराते हुए मैदान पर नजर आए. वे इस सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं.”

गिल को दी गई चुनौती

गंभीर ने उस बातचीत का भी जिक्र किया जो उन्होंने गिल के साथ तब की थी, जब उन्हें टेस्ट कप्तान बनाया गया था. गंभीर ने कहा, “मैंने गिल से साफ कहा था कि हमने तुम्हें गहरे समुद्र में फेंक दिया है. अब तुम्हारे पास दो रास्ते हैं- या तो डूब जाओ या फिर विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनकर उभरो. टीम और सपोर्ट स्टाफ पर दबाव था लेकिन गिल उससे भी ज्यादा दबाव में थे. फिर भी उन्होंने कभी अपनी निराशा चेहरे पर नहीं आने दी.”