नई दिल्ली: श्रीलंका के पूर्व खिलाड़ी और 1996 का वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के नायक अर्जुन रणतुंगा एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार खेल के कारण नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में हैं. श्रीलंका की भ्रष्टाचार निगरानी एजेंसी ने एक अदालत को बताया कि वे अर्जुन रणतुंगा को उस समय के कथित भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही हैं, जब वे देश के पेट्रोलियम मंत्री थे.
सोमवार को अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार, अर्जुन रणतुंगा और उनके भाई पर तेल खरीद से जुड़े नियमों में बदलाव करने और महंगे दामों पर तत्काल खरीदारी करने का आरोप है. जांच एजेंसी का कहना है कि पहले से तय लंबे समय के तेल खरीद समझौतों को दरकिनार कर मौके पर तेल खरीदा गया, जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ. भ्रष्टाचार या रिश्वत के मामलों की जांच करने वाले आयोग के मुताबिक, इस फैसले से श्रीलंकाई सरकार को करीब 800 मिलियन का नुकसान हुआ. साल 2017 में यह सौदे हुए थे, तब यह राशि करीब $5 मिलियन थी.
आयोग ने कोलंबो के मजिस्ट्रेट को बताया कि अर्जुन रणतुंगा फिलहाल विदेश में हैं. जैसे ही वह श्रीलंका लौटेंगे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इस मामले में उनके बड़े भाई धम्मिका रणतुंगा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. धम्मिका उस समय सरकारी कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (CPC) के चेयरमैन थे. हालांकि, उन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है. अदालत ने धम्मिका के विदेश यात्रा करने पर रोक लगा दी है, क्योंकि वह श्रीलंका और अमेरिका के दोहरे नागरिक हैं. इस मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी.
साल 1996 में आयोजित विश्व कप में श्रीलंका की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब जीता था. उस टूर्नामेंट में अर्जुन रणतुंगा श्रीलंका टीम के कप्तान थे. अर्जुन रणतुंगा के नेतृत्व में श्रीलंका की यह ऐतिहासिक जीत थी. उसके बाद से श्रीलंका अबतक विश्व कप का खिताब नहीं जीत पाई है. हालांकि, 2007 और 2011 के विश्व कप के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ने जगह बनाई थी, लेकिन जीत नहीं मिल पाई थी. श्रीलंका को 2007 में ऑस्ट्रेलिया और 2011 में भारत ने श्रीलंका को हराकर खिताब पर कब्जा किया था.
रणतुंगा भाइयों के खिलाफ चल रही यह कार्रवाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है. यह सरकार पिछले साल सत्ता में आई थी और उसने देश में फैले बड़े स्तर के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का वादा किया था. रणतुंगा परिवार से जुड़ा यह पहला मामला नहीं है. अर्जुन के एक और भाई प्रसन्ना रणतुंगा को पिछले महीने एक बीमा धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. वह मामला अभी अदालत में चल रहा है.
दिलचस्प बात यह है कि धम्मिका रणतुंगा खुद भी कभी क्रिकेटर रहे हैं. उन्होंने 1989-90 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेले थे और बाद में श्रीलंका क्रिकेट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी बने. हालांकि, अब रणतुंगा परिवार के कई सदस्य अलग-अलग कानूनी मामलों में फंसे हुए हैं, जिससे श्रीलंका की राजनीति और खेल जगत दोनों में हलचल मची हुई है.