Argentina Comeback: वो आखिरी 10 मिनट जो चार बार इतिहास बदल गए, मेसी की अर्जेंटीना ने कैसे रोकी दुनिया की सांसें
FIFA World Cup में 39 वर्षीय लियोनेल मेसी की अगुवाई वाली अर्जेंटीना ने असंभव को संभव कर दिखाया है. नॉकआउट स्टेज में केप वर्डे, मिस्र, स्विट्जरलैंड और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ हर मैच में पिछड़ने के बावजूद, अर्जेंटीना ने आखिरी पलों में वापसी करते हुए फाइनल में जगह बनाई है.
FIFA World Cup 2026 में अर्जेंटीना ने वो कर दिखाया जो किसी डार्क आर्ट से कम नहीं. एक ऐसी टीम जिसका सब-कुछ एक 39 साल का खिलाड़ी है. एक ऐसी टीम जिसको ग्रुप स्टेज में देखने के बाद सबने कहा कि ये तो सेमी-फाइनल से बाहर हो जाएंगे लेकिन किसे पता था की इस टीम के पास कुछ अनोखी ताकत है जो आजतक किसी टीम में नहीं दिखी.
अर्जेंटीना ने ग्रुप स्टेज में अच्छा प्रर्दशन किया. सबको लगा कि ये टीम धीरे-धीरे बेहतर होती जाएगी लेकिन फिर जो राउंड ऑफ 32 में हुआ वो किसी ने सोचा भी न था. केप वर्डे, मिस्र, स्विट्जरलैंड और इंग्लैंड हर बार लगा की अब तो मेसी इस वर्ल्ड कप से बाहर हैं लेकिन इस 'BEAST' की ताकत आखिरी के 10 मिनट में और घातक हो जाती है. हर मैच में अर्जेंटीना पिछड़ रही थी और उसने हर मैच में मेसी की मदद से वापसी कर फाइनल का सफर तय किया.
केप वर्डे
राउंड ऑफ 32 में अर्जेंटीना का मुकाबला केप वर्डे से था. सबको लगा कि ये मैच आसान होगा लेकिन केप वर्डे ने सबको चौंका दिया. अर्जेंटीना को पहली बार वर्ल्ड कप में बराबरी की टक्कर मिली. 29वें मिनट में मेसी ने गोल दागा, लगा की ये तो अर्जेंटीना के लिए आसान है लेकिन केप वर्डे ने 59वें मिनट में गोल दागा. उसके बाद उन्होंने अर्जेंटीना पर दबाव डाला लेकिन 92वें मिनट में लिसांद्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को 2-1 से आगे किया. फिर केप वर्डे ने 103वें मिनट में गोल दागकर बराबरी कर ली. एक्स्ट्रा टाइम में 2-2 पर मैच था. लग रहा था पेनल्टी तक जाएगा, तभी 111वें मिनट में मेसी के कॉर्नर पर केप वर्डे के डिफेंडर ने खुद के ही गोल में गेंद डाल दी. अर्जेंटीना 3-2 से जीता. किस्मत या कुछ और लेकिन अर्जेंटीना बढ़ी मुश्किल से बच गया.
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मिस्र
राउंड ऑफ 16 में मिस्र ने अर्जेंटीना को चौंका दिया. 15वें मिनट में पहला गोल, उसके बाद 67वें मिनट में दूसरा. 79वें मिनट तक वह 2-0 से आगे चल रहे थे. एक बार फिर लगा कि अर्जेंटीना का सफर अब खत्म लेकिन क्रिस्टियन रोमेरो ने तुरंत गोल दाग दिया. मेसी ने एक बार फिर जादू चलाया और 83वें मिनट में जादुई गोल दागा. स्टॉपेज टाइम में एंजो फर्नांडीज ने हेडर मारकर 3-2 से मैच अपने नाम किया. इस मैच के बाद ही विपक्ष ने VAR का रोना शुरू किया.
स्विट्जरलैंड
क्वार्टरफाइनल में अर्जेंटीना ने 10वें मिनट में गोल दाग दिया. एक बार फिर जल्द गोल दागने के बाद पूरी टीम ठंडी पड़ गई. स्विट्जरलैंड ने इसका फायदा उठाया और 67वें मिनट में स्कोर 1-1 कर दिया. स्विट्जरलैंड के एक खिलाड़ी को डाइव करने के लिए रेड कार्ड मिला और वो 10 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर रहे. इसके बाद अर्जेंटीना ने लगातार अटैक करना शुरू किया और जूलियन अल्वारेज ने बॉक्स के बाहर से 112वें मिनट में ऐसा गोल किया जो उनके नाम 'THE CALCHIN BEAST' को पूरी तरह सिद्ध करता है. उसके बाद लौटारो मार्टिनेज ने तीसरा गोल दागा और एक बार फिर अर्जेंटीना ने कमबैक करके 3-1 से जीत गए.
इंग्लैंड
सेमीफाइनल में अर्जेंटीना का सबसे बड़ा इम्तिहान था. पहले हाफ में दोनों टीम मैदान पर लड़ रही थी. फिर अर्जेंटीना ने एक बड़ी गलती की और 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन का गोल आया. इसके बाद इंग्लैंड 1-0 से आगे हो गया लेकिन इसके बाद तो अर्जेंटीना ने ऐसा दबाव बनाया कि लगा मेसी अपने 2011 के अवतार में लौट आए हैं. एक के बाद एक क्रॉस, 85वें मिनट में मेसी ने सब डिफेंडर को अपनी तरफ खींचा और एंजो फर्नांडीज को पास किया और क्या गोल दागा उन्होंने. मैच 1-1 हो गया. अब भी इंग्लैंड के खिलाड़ी डरे-सहमय लग रहे थे. फिर 90+2वें मिनट में मेसी का क्रॉस और लॉटारो मार्टिनेज का हेडर आया और एक बार लगातार चौथी बार अर्जेंटीना ने कमबैक करके फाइनल में जगह बना ली.
मेसी
हर कमबैक में एक नाम बार-बार आया लियोनेल मेसी. इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने दोनों गोल पर असिस्ट दिए. एंजो के गोल पर और लॉटारो के गोल पर भी. मेसी ने इस टूर्नामेंट में 8 गोल और 5 असिस्ट किए हैं. मैच के बाद उन्होंने इस जीत को दिवंगत डिएगो माराडोना को समर्पित किया.