Commonwealth Games 2026

रोहित या कोहली नहीं! सुनील गावस्कर ने इस खिलाड़ी के साथ की शुभमन गिल की कप्तानी की तुलना

Shubman Gill: भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने शुभमन गिल की कप्तानी की तुलना इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतने वाले तीनों कप्तानों से की है.

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Praveen Kumar Mishra

Shubman Gill: भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और कमेंटेटर सुनील गावस्कर ने युवा कप्तान शुभमन गिल की तारीफों के पुल बांधे हैं. गिल, जो हाल ही में रोहित शर्मा के संन्यास के बाद टेस्ट कप्तान बने हैं, इंग्लैंड के खिलाफ चल रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में अपनी कप्तानी का पहला इम्तिहान दे रहे हैं. गावस्कर ने गिल की कप्तानी की तुलना भारत के उन तीन महान कप्तानों से की है, जिन्होंने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थीं. 

25 साल के शुभमन गिल के लिए कप्तानी की शुरुआत आसान नहीं रही. भारत इस सीरीज में 1-2 से पीछे चल रहा है. फिर भी, गिल ने अपनी बल्लेबाजी और नेतृत्व से सभी को प्रभावित किया है. गावस्कर ने उनकी शांत और संयमित कप्तानी की तारीफ की है, खासकर बर्मिंघम में खेले गए दूसरे टेस्ट में, जहां गिल ने शानदार प्रदर्शन किया.

तीन दिग्गज कप्तानों से तुलना

सुनील गावस्कर ने अपनी एक कॉलम में लिखा कि भारत ने इंग्लैंड में सिर्फ तीन बार टेस्ट सीरीज जीती है. 971 में अजीत वाडेकर, 1986 में कपिल देव और 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में. इन तीनों कप्तानों की खासियत थी उनकी शांत और संयमित नेतृत्व शैली. गावस्कर ने लिखा, “वाडेकर का शांत स्वभाव, कपिल का जोशीला लेकिन नियंत्रित अंदाज और द्रविड़ की गहरी सोच और तीव्रता, ये तीनों किसी भी स्थिति में उत्तेजित नहीं हुए. उनकी यह शांति पूरी टीम में फैलती थी.”


गावस्कर ने गिल को इन तीनों का मिश्रण बताया. उन्होंने कहा कि बर्मिंघम टेस्ट में गिल ने वाडेकर की शांति, कपिल की आक्रामकता और द्रविड़ की सोच को मिलाकर नेतृत्व किया. गिल ने इस मैच में पहली पारी में 269 और दूसरी पारी में 161 रन बनाए, जिससे भारत ने 336 रनों से जीत हासिल की.

गिल का बल्ले से जलवा

शुभमन गिल इस सीरीज में बल्ले से शानदार फॉर्म में हैं. वे तीन टेस्ट में 607 रन बनाकर सीरीज के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. लीड्स में पहले टेस्ट में उन्होंने 147 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि बर्मिंघम में उनके दोहरे शतक (269) और शतक (161) ने इतिहास रच दिया. बर्मिंघम टेस्ट में उनके 430 रनों का योगदान टेस्ट क्रिकेट में किसी एक मैच में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया.