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हिंदू होने की वजह से बर्बाद हुआ दानिश कनेरिया का करियर! PCB पर लगाए कई बड़े आरोप

Danish Kaneria: पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने हाल ही में अपने करियर को बर्बाद करने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और पाकिस्तान में हो रहे भेदभाव को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि उनके करियर को हिंदू होने की वजह से नुकसान हुआ और उन्हें पाकिस्तान में वह इज्जत और समानता नहीं मिली, जिसकी वे हकदार थे. 

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Praveen Kumar Mishra

Danish Kaneria: पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने हाल ही में अपने करियर को बर्बाद करने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और पाकिस्तान में हो रहे भेदभाव को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि उनके करियर को हिंदू होने की वजह से नुकसान हुआ और उन्हें पाकिस्तान में वह इज्जत और समानता नहीं मिली, जिसकी वे हकदार थे. 

ANI से बातचीत में दानिश ने कहा, "हम सब यहां इकट्ठे हुए और अपने अनुभव साझा किए कि पाकिस्तान में हमारे साथ कैसा भेदभाव हुआ. हम सभी ने भेदभाव का सामना किया है, और आज हम इस पर आवाज उठाने आए हैं."

दानिश कनेरिया के साथ हुआ भेदभाव

दानिश कनेरिया ने आगे कहा, "मैं भी भेदभाव का शिकार हुआ, और मेरा करियर बर्बाद हो गया. मुझे पाकिस्तान में वह इज्जत और समानता नहीं मिली, जो मुझे मिलनी चाहिए थी. इसी भेदभाव के कारण मैं आज अमेरिका में हूं. हम यहां यह मुद्दा उठाने आए हैं ताकि अमेरिका को भी यह पता चले कि हमने कितना संघर्ष किया है, ताकि इस पर कार्रवाई हो सके."

दानिश कनेरिया की पाकिस्तान क्रिकेट टीम में यात्रा

दानिश कनेरिया पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए खेलने वाले पहले हिंदू खिलाड़ी थे, और उन्होंने पाकिस्तान के लिए 61 टेस्ट मैच खेले. वह पाकिस्तान के सबसे सफल स्पिनर भी रहे हैं. कनेरिया पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बाद दूसरे हिंदू क्रिकेटर थे, जिन्होंने राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था, इसके पहले अनिल दलपत ने यह सम्मान प्राप्त किया था.

शाहिद अफरीदी पर गंभीर आरोप

2023 में दानिश कनेरिया ने दावा किया था कि पाकिस्तान के स्टार क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने उन्हें बार-बार इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला था. कनेरिया ने कहा कि केवल पाकिस्तान टीम के कप्तान इन्ज़माम उल हक ने उनका समर्थन किया था. उन्होंने बताया, "मैं अच्छा खेल रहा था और काउंटी क्रिकेट भी खेल रहा था. 

इन्ज़माम उल हक ने मेरा बहुत समर्थन किया और वह एकमात्र कप्तान थे जिन्होंने मेरा साथ दिया. शाहिद अफरीदी और कई अन्य खिलाड़ियों ने मुझे परेशान किया और मुझसे खाना तक नहीं खाया. शाहिद अफरीदी ने मुझे कई बार धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा. इन्ज़माम उल हक कभी ऐसी बात नहीं करते थे."