रोहित शर्मा-विराट कोहली को लेकर बीसीसीआई लेने जा रही बड़ा फैसला, डिमोशन की तैयारी, करोड़ों का होगा नुकसान

BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट टियर सिस्टम में बदलाव लाने की तैयारी में है. जिसके तहत रोहित शर्मा और विराट कोहली का डिमोट होना संभव है.

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Shanu Sharma

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट टियर सिस्टम में अहम बदलाव करने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड मौजूदा A+ कैटेगरी को समाप्त करने पर विचार कर रहा है. यह कैटेगरी अब तक सभी फॉर्मेट खेलने वाले शीर्ष खिलाड़ियों के लिए आरक्षित थी. अगर यह प्रस्ताव मान लिया जाता है तो भारतीय क्रिकेट के कॉन्ट्रैक्ट ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा.

नए प्रस्तावित सिस्टम के मुताबिक तीन कैटेगरी A, B और C रखा जाएगा. अजीत अगरकर की अगुवाई में यह प्रस्ताव पुरुष चयन समिति ने दिया है. फिलहाल यह प्रस्ताव BCCI की एपेक्स काउंसिल की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. अब तक A+ कैटेगरी में विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे दिग्गज शामिल रहे हैं, जिन्हें सालाना 7 करोड़ रुपये का रिटेनर मिलता है.

विराट कोहली और रोहित शर्मा होंगे डिमोट?

सामने आ रहे रिपोर्ट की मानें तो विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी जिन्होंने कई फॉर्मेट में सन्यास लिया है, उन्हें एक दशक से अधिक समय के बाद पहली बार ‘B’ कैटेगरी में डिमोट किए जाने की संभावना है. कैटेगरी का चयन खिलाड़ियों की मौजूदा भूमिका और सभी फॉर्मेट में भागीदारी को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है. 2024-25 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक A+ कैटेगरी में कोहली, रोहित, बुमराह और जडेजा का नाम शामिल था. वहीं ग्रेड A में मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत शामिल हैं. ग्रेड B में सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी हैं. वहीं ग्रेड C में 19 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें अधिकतर एक-फॉर्मेट स्पेशलिस्ट हैं, जैसे संजू सैमसन, रिंकू सिंह, ईशान किशन, अर्शदीप सिंह, अभिषेक शर्मा और रजत पाटीदार का नाम शामिल है..

अभी के नियम के मुताबिक ग्रेड A+ के खिलाड़ियों को 7 करोड़, ग्रेड A को 5 करोड़, ग्रेड B को 3 करोड़ और ग्रेड C को 1 करोड़ रुपये सालाना दिए जाते हैं. लेकिन अगर तीन कैटेगरी रखा जाएगा तो रिटेनर राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. हालांकि इस पर अंतिम फैसला BCCI की अगली एपेक्स काउंसिल बैठक के बाद लिया जाएगा. इस फैसले के पीछे एक यह भी वजह बताया जा रहा है कि अब भारतीय टीम में नियमित रूप से तीनों फॉर्मेट खेलने वाले सीनियर खिलाड़ी लगभग नहीं बचे हैं.